नई दिल्ली, 29 जून (पीटीआई) — विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के अधिकारियों के अनुसार, देश के चार भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), तीन भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) और अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) सहित 17 राष्ट्रीय महत्व के संस्थान एंटी-रैगिंग नियमों का पालन न करने पर डिफॉल्टर सूची में हैं।
यूजीसी ने देशभर के 89 संस्थानों को अनिवार्य एंटी-रैगिंग अनुपालन शपथपत्र न जमा करने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
डिफॉल्टर सूची में आईआईटी बॉम्बे, आईआईटी खड़गपुर, आईआईटी पालक्काड, आईआईटी हैदराबाद; आईआईएम बॉम्बे, आईआईएम रोहतक, आईआईएम तिरुचिरापल्ली; एम्स रायबरेली; नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन (दिल्ली, आंध्र प्रदेश, हरियाणा); अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय; नालंदा विश्वविद्यालय; इग्नू; इंडियन स्टैटिस्टिकल इंस्टीट्यूट, कोलकाता और अन्य प्रमुख संस्थान शामिल हैं।
यूजीसी सचिव मनीष जोशी ने कहा, “इन संस्थानों ने यूजीसी की कई सलाहों, एंटी-रैगिंग हेल्पलाइन की फॉलो-अप कॉल और एंटी-रैगिंग मॉनिटरिंग एजेंसी के सीधे हस्तक्षेप के बावजूद, छात्रों और संस्थानों द्वारा अनिवार्य एंटी-रैगिंग शपथपत्र जमा नहीं किए हैं। यूजीसी के 2009 के रैगिंग विरोधी नियमों का पालन सभी उच्च शिक्षण संस्थानों के लिए अनिवार्य है।”
यूजीसी ने चेतावनी दी है कि यदि 30 दिनों के भीतर नियमों का पालन नहीं किया गया, तो अनुदान एवं वित्तीय सहायता, शोध परियोजनाओं पर असर, मान्यता रद्द या संबद्धता वापस लेने जैसे कड़े कदम उठाए जा सकते हैं।
एंटी-रैगिंग विनियम, 2009 के अनुसार, प्रत्येक छात्र और उनके माता-पिता/अभिभावकों को प्रवेश के समय और हर शैक्षणिक वर्ष की शुरुआत में एंटी-रैगिंग शपथपत्र जमा करना अनिवार्य है।

