चीन के तीसरे विमानवाहक पोत ने लड़ाकू विमानों के लिए पहले इलेक्ट्रोमैग्नेटिक कैटापल्ट परीक्षण पूरे किए

बीजिंग, 22 सितंबर (पीटीआई) चीन की नौसेना ने सोमवार को घोषणा की कि देश के तीसरे विमानवाहक पोत फ़ुजियान से पहली बार तीन कैरियर-आधारित विमानों ने इलेक्ट्रोमैग्नेटिक कैटापल्ट-सहायता प्राप्त टेक-ऑफ और लैंडिंग को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है।

फ़ुजियान, जो आधिकारिक तौर पर बेड़े में शामिल होने की तैयारी कर रहा है, चीन का पहला ऐसा विमानवाहक पोत है जिसमें इलेक्ट्रोमैग्नेटिक एयरक्राफ्ट लॉन्च सिस्टम (EMALS) लगाया गया है। अब तक इस तकनीक का उपयोग केवल अमेरिकी पोतों में ही किया जाता था।

नौसेना ने बताया कि कैरियर-आधारित विमान J-15T, J-35 और कोंगजिंग-600 ने फ़ुजियान पर अपने शुरुआती इलेक्ट्रोमैग्नेटिक कैटापल्ट टेक-ऑफ और अरेस्टेड लैंडिंग प्रशिक्षण को सफलतापूर्वक पूरा किया।

राज्य संचालित शिन्हुआ समाचार एजेंसी के अनुसार, इस सफलता ने दिखाया कि चीन का पहला घरेलू रूप से निर्मित कैटापल्ट-सुसज्जित विमानवाहक पोत अब इलेक्ट्रोमैग्नेटिक लॉन्च और रिकवरी की क्षमता प्राप्त कर चुका है।

80,000 टन से अधिक वज़न वाला फ़ुजियान, जो पिछले साल लॉन्च हुआ था, अब तक 100 से अधिक दिनों के समुद्री परीक्षण पूरे कर चुका है। इसमें लड़ाकू विमान, अर्ली वार्निंग विमान, पनडुब्बी रोधी विमान और ड्रोन सहित कई प्रकार के विमानों को ले जाने की क्षमता है। इसके साथ ही चीन तीन विमानवाहक पोतों के युग में प्रवेश करेगा।

आधिकारिक मीडिया के मुताबिक, चीन इस वर्ष फ़ुजियान को नौसेना में शामिल करने की योजना बना रहा है, जिससे पहली बार चीनी नौसेना तीन कैरियर ग्रुप्स संचालित कर सकेगी। हाल में फ़ुजियान की तैनाती ताइवान स्ट्रेट और विवादित दक्षिण चीन सागर में देखी गई है, जिससे बीजिंग के क्षेत्रीय दावों को लेकर चिंता बढ़ी है।

विशेषज्ञों के अनुसार, फ़ुजियान के परिचालन के बाद चीन अपने विमानवाहक पोतों की तैनाती हिंद महासागर और अरब सागर में भी बढ़ा सकता है, जहां उसका बेड़ा पहले से सक्रिय है। चीन के पास जिबूती, पाकिस्तान के ग्वादर और श्रीलंका के हंबनटोटा बंदरगाह में मौजूदगी है।

एक हालिया बीबीसी रिपोर्ट के अनुसार, चीन के पास अब 234 युद्धपोत हैं, जो अमेरिकी नौसेना (219) से अधिक हैं। भारत के पास वर्तमान में दो विमानवाहक पोत—आईएनएस विक्रांत और आईएनएस विक्रमादित्य—हैं और भारतीय महासागर में अपनी ताकत बनाए रखने के लिए नए जहाज़ों को कमीशन कर रहा है।

आधिकारिक चीनी मीडिया के मुताबिक, बीजिंग भविष्य में चार से पाँच विमानवाहक पोत विकसित करने की योजना बना रहा है, जिनमें एक परमाणु-संचालित पोत भी शामिल है। साथ ही, चीन अपने कैरियर ग्रुप्स से उड़ान भरने में सक्षम नए लड़ाकू विमानों का भी विकास कर रहा है।

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