छत्तीसगढ़ में पिछले डेढ़ साल में 1,301 साइबर अपराध के मामले दर्ज किए गए, जिनमें पीड़ितों को 107.03 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। इस अवधि में 3.69 करोड़ रुपये की राशि बरामद कर पीड़ितों को वापस की गई।
साइबर अपराध रोकथाम के लिए राज्य सरकार की मुख्य पहलें:
- एक राज्य स्तरीय साइबर पुलिस थाना तथा पाँच रेंज साइबर पुलिस थाने चालू हैं। प्रत्येक जिले में साइबर सेल कार्यरत है, और कुछ जिलों में नए साइबर पुलिस थानों की स्वीकृति मिल गई है।
- पुलिस मुख्यालय रायपुर में आधुनिक साइबर फॉरेंसिक लैब काम कर रही है जहाँ डिजिटल सबूतों की जाँच होती है।
- पुलिस अधिकारियों/कर्मचारियों को डार्क वेब, क्रिप्टो करेंसी जैसे जटिल विषयों पर नियमित रूप से राष्ट्रीय संस्थानों (जैसे C-DAC, Sardar Vallabhbhai Patel National Police Academy) से प्रशिक्षित कराया जा रहा है।
- साइबर कमांडो योजना के तहत एक राज्य स्तरीय अधिकारी व पाँच अन्य कर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है।
- साइबर अपराध में प्रयुक्त SIM कार्ड और IMEI नंबर को ब्लॉक किया जा रहा है।
- जन जागरूकता कार्यक्रम लगातार पुलिस मुख्यालय एवं जिलास्तर पर चलाए जा रहे हैं, जिससे लोगों को साइबर ठगी से बचाव के तरीके सिखाए जा रहे हैं।
- राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) के जरिए पीड़ितों को तुरंत शिकायत दर्ज कराने की सुविधा उपलब्ध है।
- साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 24×7 चालू है, जहां प्रशिक्षित पुलिसकर्मी संदिग्ध ट्रांजेक्शन्स पर तुरंत रोक लगवाते हैं, बैंकों, ई-वॉलेट्स आदि के नोडल अधिकारियों से सीधे समन्वय करते हैं।
जनजागरूकता के विशेष प्रयास:
- ‘साइबर पाठशाला’ जैसी पहलें ग्रामीण-आदिवासी क्षेत्रों में फेसबुक लाइव सत्रों, स्थानीय भाषा व व्हाट्सएप ग्रुप्स के जरिए डिजिटल सुरक्षा शिक्षा का प्रसार कर रही हैं। पिछले 9 महीनों में लगभग 1.5 लाख लोगों तक जागरूकता पहुंचाई गई है, जिससे खासकर युवा वर्ग अधिक सतर्क हुआ है।
शिकायतों और रिफंड की जानकारी:
- वर्ष 2023 से जून 2025 तक प्रदेश के 67,389 लोगों ने NCRP पोर्टल पर ऑनलाइन धोखाधड़ी की शिकायतें दर्ज की, जिसमें 791 करोड़ रुपये जुड़े हैं। इनमें से 21,195 शिकायतों का निपटारा हुआ और 1,820 पीड़ितों को उनकी रकम रिफंड की गई है।
राज्य सरकार लगातार साइबर पुलिस बल को आधुनिक संसाधनों, प्रशिक्षण और तकनीकी उपकरणों से सुसज्जित कर रही है, ताकि साइबर अपराध पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सके।

