जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करने में देरी से जनता का विश्वास कम हो रहा हैः फारूक अब्दुल्ला

Srinagar: Jammu and Kashmir National Conference President Farooq Abdullah offers the 'Jamat Ul Vida', the last Friday prayers during the ‘Ramzan’, at Hazratbal Shrine, outskirts of Srinagar, Friday, March 13, 2026. (PTI Photo/S Irfan)(PTI03_13_2026_000195B)

श्रीनगरः नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने मंगलवार को जम्मू-कश्मीर के लिए राज्य का दर्जा बहाल करने में देरी पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इससे लोकतांत्रिक संस्थानों में जनता का विश्वास कम हो रहा है।

इस संवैधानिक अधिकार का लंबे समय तक स्थगन “गहरा दुर्भाग्यपूर्ण” है। अब्दुल्ला ने यहां पार्टी पदाधिकारियों के साथ बातचीत करते हुए यह बात कही।

अब्दुल्ला ने इस बात पर जोर दिया कि भारत सरकार द्वारा लंबे समय से आश्वस्त पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करना रियायत नहीं है, बल्कि एक मौलिक अधिकार है, और इसे रोके रखने से लोगों की आकांक्षाएं अधूरी रह गई हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह की देरी से मोहभंग की भावना बढ़ती है और विश्वसनीय और उत्तरदायी शासन की तत्काल आवश्यकता को रेखांकित करता है।

उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों से नागरिकों के साथ जुड़ाव जारी रखने, उनकी चिंताओं को बढ़ाने और गरिमा, लोकतांत्रिक अधिकारों और राजनीतिक सशक्तिकरण के महत्व को उजागर करने का आग्रह किया।

नेशनल कॉन्फ्रेंस के रुख की पुष्टि करते हुए अब्दुल्ला ने कहा कि पार्टी पूर्ण राज्य के लिए शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक वकालत करने और जम्मू-कश्मीर के लोगों के लिए राजनीतिक प्रक्रिया में विश्वास बहाल करने के लिए प्रतिबद्ध है। पीटीआई मिज रुक रुक

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