
जम्मू, 7 जनवरी (पीटीआई): जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को जल जीवन मिशन के तहत जल गुणवत्ता परीक्षण को और तेज करने तथा स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए औद्योगिक नीति के अंतर्गत सुधारों की समीक्षा के निर्देश दिए।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, उन्होंने ग्रामीण उद्यम, कृषि और संबद्ध क्षेत्रों से जुड़ी कई प्रमुख परियोजनाओं का उद्घाटन भी किया, जिनसे रोजगार सृजन होगा और स्थानीय संसाधनों में मूल्यवर्धन होगा।
कठुआ में एक बैठक को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने जल जीवन मिशन के तहत जल गुणवत्ता परीक्षण को तेज करने, पूंजी निवेश के लिए राज्यों को विशेष सहायता (Special Assistance to States for Capital Investment) परियोजनाओं को समय पर पूरा करने और औद्योगिक नीति के तहत सुधारों की जांच करने के निर्देश दिए, ताकि स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ाए जा सकें।
जिला कैपेक्स प्रदर्शन की समीक्षा करते हुए उन्होंने हालिया बाढ़ के दौरान किए गए प्रयासों सहित निरंतर कार्यों के लिए जिला प्रशासन की सराहना की और विभागों को गुणवत्तापूर्ण परिसंपत्तियों के निर्माण के साथ पूर्ण व्यय सुनिश्चित करने के लिए जनशक्ति और मशीनरी लगाने के निर्देश दिए।
बयान के अनुसार, अब्दुल्ला ने कठुआ में 11.58 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाएं राष्ट्र को समर्पित कीं, जिनका उद्देश्य बुनियादी ढांचे को मजबूत करना, स्थानीय उद्यमिता को बढ़ावा देना और आजीविका के अवसरों को सुदृढ़ करना है।
प्रमुख उद्घाटनों में सल्लन में बांस शिल्प कॉमन फैसिलिटी सेंटर (2.87 करोड़ रुपये), स्थानीय उत्पादों के विपणन के लिए कठुआ कृति शोरूम (41.51 लाख रुपये) और सूक्ष्म उद्यमियों व स्वयं सहायता समूहों को सहयोग देने के लिए बिलावर में अगरबत्ती कॉमन फैसिलिटी सेंटर (3.39 करोड़ रुपये) शामिल हैं।
एक आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री ने समग्र कृषि विकास कार्यक्रम (HADP) के तहत यहां पोल्ट्री और हैचरी यूनिट के उन्नयन का भी उद्घाटन किया, जिसकी लागत 3.88 करोड़ रुपये है और जिसका उद्देश्य उत्पादकता बढ़ाना तथा किसानों की आय में वृद्धि करना है।
शिक्षा क्षेत्र में, अब्दुल्ला ने सरकारी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, कठेरा में आठ अतिरिक्त कक्षाओं के निर्माण की आधारशिला रखी, जिसकी अनुमानित लागत 1.768 करोड़ रुपये है, ताकि भीड़भाड़ कम हो और शिक्षण सुविधाएं बेहतर हों।
बयान में कहा गया कि उपायुक्त कठुआ राजेश शर्मा ने जिले की संक्षिप्त रूपरेखा और विभिन्न योजनाओं के तहत प्रगति प्रस्तुत की, जिसके बाद मुख्यमंत्री ने क्षेत्रवार भौतिक और वित्तीय प्रदर्शन की समीक्षा की और विभागों को गुणवत्ता और जमीनी स्तर पर स्पष्ट परिणामों पर जोर देते हुए समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
पीएमजीएसवाई और नाबार्ड से वित्तपोषित सड़कों की समीक्षा करते हुए अब्दुल्ला ने बाधाओं की पहचान करने का आह्वान किया और सड़कों को टिकाऊ और हर मौसम में उपयोगी बनाने के लिए उचित जल निकासी, ढलान संरक्षण और सुरक्षा उपायों पर जोर दिया।
कृषि और संबद्ध क्षेत्रों की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कीटनाशक परीक्षण प्रयोगशाला को निर्धारित समयसीमा के भीतर चालू करने तथा जेकेएएसीएल के क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र की डीपीआर को पूर्ण रूप से सुसज्जित करने के निर्देश दिए और आवश्यक प्रस्ताव जमा होने के बाद शीघ्र धनराशि जारी करने का आश्वासन दिया।
श्रम कल्याण के मुद्दे पर उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने ‘ई-श्रम’ के तहत विशेष रूप से दूरदराज क्षेत्रों में व्यापक पहुंच पर जोर दिया, जबकि अब्दुल्ला ने पात्र लाभार्थियों को अधिकतम कवरेज देने और जल संरक्षण पर केंद्रित प्रयासों पर बल दिया।
स्थानीय विधायकों द्वारा उठाई गई चिंताओं पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि सभी वास्तविक मांगों की जांच की जाएगी और उन्हें चरणबद्ध व समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा।
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