जलवायु परिवर्तन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, आर्थिक विकास के लिए सामूहिक, सहानुभूतिपूर्ण, रणनीतिक सहयोग की आवश्यकता है: उपराष्ट्रपति

**EDS: THIRD PARTY IMAGE** In this image posted on Oct. 21, 2025, Vice-President C. P. Radhakrishnan with Union Minister of Commerce and Industry Piyush Goyal and senior officials of the Ministry during a meeting, at Parliament House. (@VPIndia/X via PTI Photo)(PTI10_21_2025_000260B)

नई दिल्ली, 1 नवंबर (पीटीआई) उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने शुक्रवार को कहा कि जलवायु परिवर्तन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, जन स्वास्थ्य और आर्थिक विकास जैसे मुद्दों पर सामूहिक, सहानुभूतिपूर्ण और रणनीतिक सहयोग की आवश्यकता है।

उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), बिग डेटा और स्वचालन जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों के ज़िम्मेदारीपूर्ण उपयोग का भी आह्वान किया और नवाचार को सुरक्षा, खुलेपन को सतर्कता और प्रगति को तैयारी के साथ संतुलित करने की आवश्यकता पर बल दिया।

राधाकृष्णन अंतर्राष्ट्रीय रणनीतिक सहभागिता कार्यक्रम (आईएन-स्टेप) के तीसरे संस्करण को संबोधित कर रहे थे, जो भारत और मित्र देशों के वरिष्ठ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिकारियों के लिए एक रणनीतिक-संवाद मंच के रूप में कार्य करता है।

वर्तमान संस्करण में 44 प्रतिनिधि शामिल हैं, जिनमें 24 वैश्विक दक्षिण देशों के 32 अंतर्राष्ट्रीय प्रतिभागी शामिल हैं।

राष्ट्रीय सुरक्षा की विकासशील प्रकृति पर प्रकाश डालते हुए, उपराष्ट्रपति ने आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों के साथ-साथ आतंकवाद, साइबर अपराध और मादक पदार्थों की तस्करी सहित अंतरराष्ट्रीय खतरों की बढ़ती जटिलता का भी उल्लेख किया।

भारत के सभ्यतागत आदर्श “वसुधैव कुटुम्बकम” (विश्व एक परिवार है) से प्रेरणा लेते हुए, उन्होंने कहा कि यह दर्शन कूटनीति, प्रौद्योगिकी और सतत विकास के प्रति देश के दृष्टिकोण का मार्गदर्शन करता रहेगा। उपराष्ट्रपति ने प्रतिभागियों से आग्रह किया कि वे स्वयं को परिवर्तन के वाहक और नैतिक नेतृत्व एवं सामूहिक प्रगति के लिए प्रतिबद्ध वैश्विक नागरिक के रूप में देखें। पीटीआई एनएबी आरसी

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