जाधव: भारत आयुर्वेद को वैश्विक स्वास्थ्य समाधान के रूप में बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है

New Delhi: Union Minister of Culture Gajendra Singh Shekhawat, Minister of State of AYUSH (Independent Charge) Prataprao Jadhav, yoga guru Ramdev, Swami Chidanand Saraswati and Indian Yoga Association President Hansaji Yogendra during 'Yoga Connect', a global summit organised to mark ten years of celebrations of the International Day of Yoga, in New Delhi, Saturday, June 14, 2025. (PTI Photo/Vijay Varma)(PTI06_14_2025_000094B)

नई दिल्ली, 19 सितंबर (पीटीआई) केंद्रीय आयुष मंत्री प्रतापराव जाधव ने शुक्रवार को कहा कि आयुर्वेद मानव स्वास्थ्य और पर्यावरणीय कल्याण, दोनों के लिए एक स्थायी, एकीकृत वैश्विक स्वास्थ्य सेवा समाधान है।

23 सितंबर को अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (एआईआईए), गोवा में मनाए जाने वाले 10वें आयुर्वेद दिवस की प्रमुख पहलों पर प्रकाश डालते हुए, उन्होंने एक समग्र, साक्ष्य-आधारित और पर्यावरणीय रूप से स्थायी स्वास्थ्य सेवा प्रणाली के रूप में आयुर्वेद की क्षमता को रेखांकित किया।

उन्होंने कहा कि आयुर्वेद केवल एक चिकित्सा विज्ञान से कहीं अधिक है – यह एक जीवन शैली है जो व्यक्तियों को उनके पर्यावरण के साथ सामंजस्य स्थापित करने में मदद करती है।

आयुष पर पहले अखिल भारतीय राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण कार्यालय (एनएसएसओ) सर्वेक्षण का उल्लेख करते हुए, जाधव ने ग्रामीण और शहरी भारत दोनों में आयुर्वेद की व्यापक स्वीकृति पर ज़ोर दिया, जहाँ यह उपचार की सबसे अधिक प्रचलित प्रणाली बनी हुई है।

उन्होंने आगे कहा कि इस वर्ष का विषय – “लोगों और ग्रह के लिए आयुर्वेद” – वैश्विक स्वास्थ्य और पर्यावरणीय कल्याण के लिए आयुर्वेद को एक स्थायी, एकीकृत समाधान के रूप में आगे बढ़ाने के लिए भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

मंत्री ने आयुर्वेद दिवस 2025 के उपलक्ष्य में आयुष मंत्रालय द्वारा कई जन-केंद्रित पहलों की भी घोषणा की।

इनमें छात्रों के लिए “स्वास्थ्य की ओर छोटे कदम”, झूठे विज्ञापनों का मुकाबला करने के लिए “भ्रामक नेतृत्व करें”, “मोटापे के लिए आयुर्वेद आहार” जैसे जागरूकता अभियान और पादप एवं पशु चिकित्सा स्वास्थ्य के लिए आयुर्वेद पर कार्यक्रम शामिल हैं।

“कैंसर देखभाल का एकीकरण”, “आयुर्वेद का डिजिटल परिवर्तन” और ग्रहीय स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए मीडिया साझेदारी “संहिता से संवाद” पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।

उन्होंने आगे बताया कि 12,850 करोड़ रुपये के निवेश ने समग्र स्वास्थ्य सेवा में आयुर्वेद की भूमिका को मजबूत किया है।

एआईआईए के निदेशक डॉ. प्रदीप कुमार प्रजापति ने कहा कि 10वें आयुर्वेद दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम, डिजिटल अभियान, अंतर-मंत्रालयी सहयोग, राष्ट्रीय धन्वंतरि आयुर्वेद पुरस्कार 2025, और मोटापे की रोकथाम, कैंसर जागरूकता, छात्र संपर्क, पशु एवं पादप स्वास्थ्य तथा डिजिटल एकीकरण जैसे उप-विषयों पर चर्चा की जाएगी।

MyGov और MyBharat प्लेटफॉर्म पर “मैं आयुर्वेद का समर्थन करता हूँ” जैसी पहलों के माध्यम से जनभागीदारी को भी प्रोत्साहित किया जाएगा। पीटीआई पीएलबी डीवी डीवी

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