
Tokyo, 9 मार्च (एपी) — Japan अपने देश में विकसित पहली लंबी दूरी की मिसाइलों की पहली खेप तैनात करने की तैयारी कर रहा है। सोमवार को इन मिसाइलों के लॉन्चर सेना के एक कैंप में पहुंच गए, क्योंकि देश क्षेत्र में बढ़ती चुनौतियों के बीच अपनी आक्रामक सैन्य क्षमता को तेज़ी से बढ़ा रहा है।
उन्नत Type-12 land-to-ship missile को मार्च के अंत तक जापान के दक्षिण-पश्चिमी प्रांत Kumamoto Prefecture में स्थित Camp Kengun में तैनात किया जाएगा। मुख्य कैबिनेट सचिव Minoru Kihara ने बताया कि इसके साथ ही तैनाती की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।
इन मिसाइलों के लॉन्चर और अन्य उपकरणों को ले जाने वाले सैन्य वाहन सोमवार सुबह एक अत्यंत गोपनीय अभियान के तहत कैंप पहुंचे। हालांकि स्थानीय निवासियों ने कैंप के बाहर प्रदर्शन कर इसका विरोध किया।
विरोध करने वालों का कहना है कि तैनाती में पारदर्शिता की कमी है और इससे क्षेत्र में तनाव बढ़ेगा तथा मिसाइलें हमलों का लक्ष्य बन सकती हैं।
जापान के रक्षा मंत्रालय ने पिछले वर्ष इन मिसाइलों की तैनाती का कार्यक्रम एक साल पहले कर दिया था। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब China द्वारा Taiwan के आसपास बढ़ते तनाव के कारण जापान अपने दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्र में सैन्य तैयारियां तेज़ कर रहा है।
Mitsubishi Heavy Industries द्वारा विकसित और निर्मित उन्नत टाइप-12 मिसाइल की मारक क्षमता लगभग 1,000 किलोमीटर है, जो मूल संस्करण की 200 किलोमीटर की सीमा से काफी अधिक है और चीन की मुख्य भूमि तक पहुंच सकती है।
इसे इस वर्ष के अंत में टोक्यो के पश्चिम में Shizuoka स्थित Camp Fuji में भी तैनात किया जाएगा।
जापान चीन को एक बढ़ता सुरक्षा खतरा मानता है और East China Sea के पास दक्षिण-पश्चिमी द्वीपों पर अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा रहा है। वहां कई द्वीपों—जैसे Okinawa, Ishigaki और Miyako Island—पर Patriot PAC-3 इंटरसेप्टर और मध्यम दूरी की सतह-से-हवा मिसाइलें तैनात की गई हैं।
रक्षा मंत्री Shinjiro Koizumi ने पिछले महीने कहा था कि जापान मार्च 2031 तक Yonaguni द्वीप पर मध्यम दूरी की सतह-से-हवा मिसाइलें तैनात करेगा। यह द्वीप ताइवान के ठीक पूर्व में स्थित जापान का सबसे पश्चिमी द्वीप है।
तनाव तब और बढ़ गया जब प्रधानमंत्री Sanae Takaichi ने पद संभालने के तुरंत बाद कहा कि यदि चीन ताइवान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई करता है, तो वह जापान की सैन्य प्रतिक्रिया का आधार बन सकता है।
ताकाइची ने इस वर्ष के अंत तक सुरक्षा और रक्षा नीति में संशोधन करने का वादा किया है और मानव रहित लड़ाकू हथियारों तथा लंबी दूरी की मिसाइलों के जरिए जापान की सैन्य क्षमता को और मजबूत करने की योजना बनाई है।
उनकी सरकार आने वाले हफ्तों में घातक हथियारों के निर्यात पर लगे प्रतिबंधों को भी हटाने की तैयारी कर रही है, ताकि जापान के रक्षा उद्योग के विकास और मित्र देशों के साथ सहयोग को बढ़ावा दिया जा सके। (एपी)
