जापान के आख़िरी जोड़े के पांडा चीन लौटे

The twin Panda cubs Leni and Lotti, left, play at the Panda Garden during their first birthday party at the Zoo in Berlin, Germany, Friday, Aug. 22, 2025. AP/PTI(AP08_22_2025_000157B)

बैंकॉक, 28 जनवरी (एपी) जापान के आख़िरी जोड़े के पांडा चीन लौट आए हैं, जिसके साथ ही लगभग आधी सदी बाद पहली बार जापान में ये प्यारे भालू नहीं रह गए हैं।

ये पांडा ऐसे समय में वापस भेजे गए हैं, जब ताइवान को लेकर नए जापानी प्रधानमंत्री के रुख के कारण दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संबंध हाल के वर्षों के सबसे निचले स्तर पर हैं। ताइवान को बीजिंग अपना हिस्सा मानता है। ऐसे में नए पांडा भेजे जाने की संभावना भी कम मानी जा रही है।

जुड़वां पांडा शाओ शाओ और लेई लेई के जापान में बड़ी संख्या में प्रशंसक हैं। उनकी विदाई से पहले टोक्यो के उएनो चिड़ियाघर में उन्हें देखने के लिए हजारों लोग उमड़ पड़े।

चीन ने पहली बार 1972 में जापान को पांडा भेजे थे, जो दोनों पड़ोसी देशों के बीच राजनयिक संबंधों के सामान्यीकरण का प्रतीक थे। बीजिंग लंबे समय से पांडाओं को कूटनीतिक साधन के रूप में इस्तेमाल करता रहा है—सद्भावना और सॉफ्ट पावर के विस्तार के संकेत के तौर पर—और जब द्विपक्षीय रिश्ते बिगड़ते हैं तो उन्हें वापस भी बुला लेता है।

राज्य प्रसारक सीसीटीवी द्वारा प्रसारित तस्वीरों में शाओ शाओ और लेई लेई को बक्सों में दक्षिण-पश्चिमी चीन के सिचुआन प्रांत पहुंचते हुए दिखाया गया, जहां उन्हें चाइना कंज़र्वेशन एंड रिसर्च सेंटर फॉर द जायंट पांडा में क्वारंटीन में रखा जाएगा।

संरक्षण केंद्र ने एक बयान में कहा कि पांडा बुधवार तड़के सुरक्षित पहुंच गए।

शाओ शाओ और उनकी बहन लेई लेई का जन्म 2021 में टोक्यो के उएनो चिड़ियाघर में हुआ था। हालांकि चीन अन्य देशों को पांडा उधार पर देता है, लेकिन वह इन जानवरों—और उनसे जन्मे शावकों—का स्वामित्व अपने पास ही रखता है। (एपी)