जावेद अख्तर ने कहा – भारत-पाकिस्तान के संबंध निकट भविष्य में सुधरते नहीं दिखते

જાવેદ અખ્તર
New Delhi: Veteran screenwriter and lyricist Javed Akhtar speaks during an event themed on 'IP and Music: Feel the Beat of IP' on the World Intellectual Property Day at the FICCI Hq., in New Delhi, Tuesday, April 29, 2025. (PTI Photo/Shahbaz Khan) (PTI04_29_2025_000201B)

मुंबई, 30 मई (पीटीआई): प्रसिद्ध गीतकार और लेखक जावेद अख्तर ने शुक्रवार को कहा कि उन्हें नहीं लगता कि भारत और पाकिस्तान के संबंध निकट भविष्य में बेहतर होंगे।

उन्होंने दक्षिण अफ्रीका की “ट्रुथ एंड रिकंसीलिएशन कमीशन” (सत्य और सुलह आयोग) की मिसाल दी, जिसमें रंगभेद के पीड़ित और अपराधी एक मंच पर लाए गए थे। अख्तर ने कहा कि भारत और पाकिस्तान ने विभाजन के बाद ऐसा कोई अवसर गंवा दिया, जिससे दोनों पक्षों की पीड़ा को साझा किया जा सकता था।

“अब सुलह के लिए बहुत देर हो चुकी है। हमारे यहां के लोगों को सिर्फ यही पता चला कि उनके साथ 1947-48 के बाद क्या हुआ। उधर के लोगों को भी यही पता चला कि उनके साथ क्या हुआ। काश एक बार वे सभी बैठ पाते। अब 75 साल हो चुके हैं, वे सभी अब 90 के दशक में होंगे। कितने लोग आज जीवित भी होंगे?” – जावेद अख्तर

‘फेयरवेल कराची’ पुस्तक विमोचन पर बोले अख्तर

जावेद अख्तर मुंबई में फिल्म समीक्षक-लेखिका भावना सोमाया की पुस्तक “Farewell Karachi” के विमोचन कार्यक्रम में बोल रहे थे।

उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान की सरकारों को 1950 के दशक की शुरुआत में ही दोनों पक्षों के शरणार्थियों को साथ लाकर अपनी कहानियां साझा करने का अवसर देना चाहिए था।

“तभी हमें सच में पता चलता कि किसके साथ क्या हुआ, कितनी बड़ी यातनाएं दी गईं। तब यह कहानी एकतरफा नहीं रहती। लेकिन ऐसा नहीं हुआ।”

पाक सेना और कट्टरपंथियों पर आरोप

उन्होंने कहा कि भारत-पाक के बीच शांति में सबसे बड़ी बाधा पाकिस्तान की सेना, कट्टर दक्षिणपंथी और राजनीतिक तंत्र हैं।

“पाकिस्तान में करोड़ों लोग हैं जो भारत से अच्छे संबंध चाहते हैं। वे भारत की प्रगति, व्यापार, सिनेमा, आईटी और कॉरपोरेट सेक्टर से प्रभावित हैं। छात्र और आम नागरिक भारत आना चाहते हैं। लेकिन यह सब पाकिस्तान की सेना और कट्टर गुटों के हित में नहीं है।”

भारत ने प्रयास किए, पाकिस्तान ने नहीं

अख्तर ने कहा कि भारत ने बार-बार राजनयिक और सांस्कृतिक प्रयास किए, लेकिन पाकिस्तान ने वैसी प्रतिक्रिया नहीं दी।

“हमारी सेना पेशेवर है, राजनीतिक नहीं। लेकिन पाकिस्तान में ऐसा नहीं है। वहां सेना देश पर हावी है। लोग कहते हैं कि हर देश की एक सेना होती है, लेकिन पाकिस्तान की सेना का एक देश है।”

उन्होंने स्वीकार किया कि भारत भी निर्दोष नहीं है, लेकिन पिछले 70 वर्षों में भारत सरकार पाकिस्तान से बेहतर रही है।

भारत ने कभी आक्रामक रुख नहीं अपनाया

कश्मीर पर बोलते हुए अख्तर ने कहा, “इतना बड़ा विवाद होने के बावजूद भारत ने कभी आक्रामकता नहीं दिखाई। कुछ लोग शिकायत करते हैं कि भारत आक्रामक क्यों नहीं होता। लेकिन सच यह है कि आक्रामकता हमेशा पाकिस्तान की ओर से रही है।”

कार्यक्रम में अभिनेत्री शबाना आज़मी, जो जावेद अख्तर की पत्नी हैं, भी मौजूद थीं।

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