रांची, 8 जुलाई (पीटीआई) – झारखंड में ट्रेड यूनियनों और वामपंथी दलों के एक संयुक्त मंच ने बुधवार को होने वाले राष्ट्रव्यापी आंदोलन के समर्थन में रांची में एक मशाल जुलूस निकाला। इस आंदोलन की मुख्य मांगों में चार श्रम संहिताओं (लेबर कोड) को रद्द करना शामिल है।
मंगलवार शाम को निकली यह रैली सैनिक मार्केट से शुरू होकर अल्बर्ट एक्का चौक पर समाप्त हुई, जहाँ प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार पर “मजदूर विरोधी नीतियां” अपनाने का आरोप लगाते हुए नारे लगाए।
यह प्रदर्शन संयुक्त ट्रेड यूनियन प्लेटफॉर्म के व्यापक आह्वान का हिस्सा था, जिसमें 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियन (CTUs) के साथ-साथ स्वतंत्र अखिल भारतीय क्षेत्रीय महासंघ और संघ शामिल हैं।
पहले 20 मई को होने वाली यह आम हड़ताल पहलगाम आतंकवादी हमले और उसके बाद के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के कारण स्थगित कर दी गई थी।
ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (AITUC) के अशोक यादव ने कहा, “हड़ताल के तहत, हमने अपनी 17 सूत्री मांगों का समर्थन करने के लिए मशाल जुलूस निकाला, जिसमें चार श्रम संहिताओं को रद्द करना भी शामिल है।” सीपीआई के प्रदेश सचिव महेंद्र पाठक ने बताया कि सुबह 10 बजे से दो घंटे का ‘चक्का जाम’ किया जाएगा।
उन्होंने कहा, “मैं सभी छोटे और बड़े विक्रेताओं, साथ ही फुटपाथ विक्रेताओं से केंद्र सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों के विरोध में इस प्रदर्शन में भाग लेने की अपील करता हूँ।”
श्रेणी: ब्रेकिंग न्यूज
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