झारखंड HC ने कहा: राज्य पुलिस द्वारा ED कार्यालय पर छापा ‘पूर्व नियोजित’ प्रतीत होता है

Jharkhand High Court

रांची, 16 जनवरी (पीटीआई) — झारखंड उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को यह देखा कि रांची में हाल ही में प्रवर्तन निदेशालय (ED) कार्यालय पर राज्य पुलिस द्वारा किया गया छापा प्रथम दृष्टया “पूर्व नियोजित” प्रतीत होता है।

न्यायमूर्ति संजय कुमार द्विदे ने ED द्वारा दायर एक रिट याचिका की सुनवाई के दौरान केंद्रीय एजेंसी को निर्देश दिया कि मामले में केंद्रीय गृह सचिव को पक्षकार बनाया जाए।

न्यायालय ने केंद्रीय गृह सचिव को निर्देश दिया कि ED कार्यालय और उसके अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए CRPF/BSF या किसी अन्य अर्धसैनिक बल को नियुक्त किया जाए।

न्यायमूर्ति द्विदे ने रांची वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) राकेश रंजन को भी ED कार्यालय की उचित सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। न्यायालय ने यह भी कहा कि अगर ED कार्यालय और उसके अधिकारियों की सुरक्षा में कोई चूक होती है, तो इसके लिए SSP रांची सीधे जिम्मेदार होंगे।

उच्च न्यायालय ने एयरपोर्ट थाना में पूर्व झारखंड सरकार कर्मचारी संतोष कुमार द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर ED अधिकारियों के खिलाफ पुलिस जांच पर भी स्थगन लगा दिया।

प्रवर्तन निदेशालय ने गुरुवार को झारखंड उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर राज्य पुलिस द्वारा उसके कार्यालय पर किए गए छापे की जांच के लिए CBI जांच की मांग की, यह आरोप लगाते हुए कि पुलिस ने केंद्रीय एजेंसी के कामकाज में “प्रत्यक्ष हस्तक्षेप” किया।

ED के वकील ने न्यायालय को सूचित किया कि केंद्रीय एजेंसी संतोष द्वारा कथित 23 करोड़ रुपये के घोटाले की जांच कर रही है। उन्होंने यह भी बताया कि इस मामले में ED द्वारा अब तक 9 करोड़ रुपये की वसूली हो चुकी है।

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