ट्रंप का दावा: भारत-पाक परमाणु युद्ध के करीब थे; संघर्ष खत्म कराने का श्रेय फिर दोहराया

President Donald Trump speaks at his Mar-a-Lago club, Saturday, Jan. 3, 2026, in Palm Beach, Fla., as Defense Secretary Pete Hegseth listens.AP/PTI(AP01_03_2026_000396B)

न्यूयॉर्क/वॉशिंगटन, 21 जनवरी (पीटीआई) अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष समाप्त कराने को व्हाइट हाउस में अपने दूसरे कार्यकाल के पहले वर्ष की प्रमुख उपलब्धियों में गिनाया। उन्होंने कहा कि उनके अनुसार दोनों देश “परमाणु युद्ध की ओर बढ़ रहे थे” और युद्ध रोककर उन्होंने लाखों लोगों की जान बचाई।

मंगलवार को अपने दूसरे कार्यकाल की पहली वर्षगांठ पर आयोजित एक लंबी प्रेस वार्ता में ट्रंप ने कहा कि उन्होंने “10 महीनों में आठ न खत्म होने वाले युद्ध” समाप्त किए।

उन्होंने कहा, “ये ऐसे युद्ध थे जिन्हें खत्म नहीं किया जा सकता था — कंबोडिया और थाईलैंड वर्षों से लड़ रहे थे, कोसोवो और सर्बिया, कांगो और रवांडा। पाकिस्तान और भारत तो वाकई आमने-सामने थे। आठ विमान गिराए गए। मेरी राय में वे परमाणु युद्ध की ओर जा रहे थे।”

व्हाइट हाउस के भरे प्रेस ब्रीफिंग रूम को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री, जिन्होंने पिछले साल वॉशिंगटन में उनसे मुलाकात की थी, ने उनसे कहा था कि “राष्ट्रपति ट्रंप ने 1 करोड़ लोगों की जान बचाई, और शायद इससे भी ज्यादा।” उन्होंने कहा कि दोनों ही देश परमाणु शक्ति संपन्न हैं। 105 मिनट चली प्रेस वार्ता के दौरान ट्रंप ने बाद में फिर भारत-पाकिस्तान के बीच युद्ध खत्म कराने का श्रेय अपने नाम किया।

नोबेल शांति पुरस्कार जीतने से आम अमेरिकियों के जीवन पर क्या असर पड़ता, इस सवाल के जवाब में ट्रंप ने कहा कि दुनिया भर में आठ युद्ध समाप्त कर उन्होंने “शायद करोड़ों लोगों की जान बचाई”।

उन्होंने कहा, “अगर आप आंकड़े जोड़ें तो किसी भी एक युद्ध में लाखों लोग मारे जा सकते थे। उसे आठ से गुणा करें। लेकिन भारत और पाकिस्तान को देखें तो यह 1 से 2 करोड़ लोगों तक जा सकता था, शायद इससे भी ज्यादा। तो मैंने लाखों लोगों की जान बचाई। मेरे लिए यही सबसे बड़ी बात है।”

व्हाइट हाउस ने ट्रंप 2.0 के पहले वर्ष की उपलब्धियों की एक विस्तृत सूची भी जारी की। ‘365 दिनों में 365 जीत: राष्ट्रपति ट्रंप की वापसी ने सफलता और समृद्धि के नए युग की शुरुआत की’ शीर्षक वाले इस बयान में कहा गया कि 20 जनवरी 2025 को दूसरे कार्यकाल के लिए सत्ता में लौटने के बाद ट्रंप ने समृद्धि बहाल करने, सीमा सुरक्षा मजबूत करने, अमेरिकी ताकत पुनर्निर्मित करने और अमेरिका को प्राथमिकता देने के वादे के साथ काम शुरू किया। बयान में कहा गया कि 365 दिनों में उन्होंने आधुनिक इतिहास के किसी भी राष्ट्रपति के पहले वर्ष से अधिक परिवर्तनकारी परिणाम दिए।

‘वैश्विक मंच पर अमेरिकी नेतृत्व को फिर से स्थापित करना’ शीर्षक खंड में व्हाइट हाउस ने जनवरी 2025 से पहले वर्ष में ट्रंप की उपलब्धियों में “भारत और पाकिस्तान के बीच शांति समझौता कराने” का भी उल्लेख किया।

ट्रंप अब तक करीब 90 बार यह दावा कर चुके हैं कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष रोका। वह यह दावा 10 मई से लगातार करते आ रहे हैं, जब उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा था कि वाशिंगटन की मध्यस्थता में “लंबी रात” की बातचीत के बाद भारत और पाकिस्तान “तत्काल और पूर्ण” युद्धविराम पर सहमत हुए।

भारत ने लगातार किसी भी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता से इनकार किया है।

ट्रंप ने यह भी कहा कि उन्हें भारत-पाकिस्तान सहित इज़राइल-ईरान, मिस्र-इथियोपिया और आर्मेनिया-अज़रबैजान के बीच युद्ध खत्म कराने के लिए नोबेल शांति पुरस्कार मिलना चाहिए था।

उन्होंने नॉर्वे पर भी निशाना साधा, जहां नोबेल शांति पुरस्कार समिति स्थित है, यह कहते हुए कि ओस्लो का इस पुरस्कार पर “बहुत बड़ा नियंत्रण” है। ट्रंप ने कहा कि जिन-जिन देशों में उन्होंने संघर्ष समाप्त किए, वहां के नेताओं ने उन्हें नोबेल के लिए नामित किया।

ट्रंप ने यह भी कहा कि उन्हें वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरिना माचाडो के प्रति “बहुत सम्मान” है, जिन्होंने पिछले सप्ताह व्हाइट हाउस में अपना 2025 नोबेल शांति पुरस्कार ट्रंप को समर्पित किया था। ट्रंप ने कहा कि माचाडो ने माना कि पुरस्कार उन्हें नहीं बल्कि ट्रंप को मिलना चाहिए था, क्योंकि उन्होंने आठ युद्ध समाप्त किए। पीटीआई

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