ट्रंप ने लॉन्च किया ‘गोल्ड कार्ड’, कहा- भारत, चीन के छात्रों को वापस जाना पड़ता है, यह ‘शर्मनाक’

President Donald Trump greets locals as he speaks at the Mount Airy Casino Resort in Mount Pocono, Pa., Tuesday, Dec. 9, 2025. AP/PTI(AP12_10_2025_000004B)

न्यूयॉर्क/वाशिंगटन, 11 दिसंबर (PTI)

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक मिलियन डॉलर के “गोल्ड कार्ड” की शुरुआत की घोषणा की, जो प्रवासियों को अमेरिकी नागरिकता का मार्ग प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि यह “शर्मनाक” है कि भारत और चीन के छात्रों को अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद अपने देश वापस जाना पड़ता है।

बुधवार को घोषित ट्रंप गोल्ड कार्ड एक ऐसा वीज़ा है, जो किसी व्यक्ति की अमेरिका को “महत्वपूर्ण लाभ” देने की क्षमता पर आधारित है।

व्हाइट हाउस में एक राउंडटेबल के दौरान ट्रंप ने कहा, “यह हमारे देश के लिए एक बेहतरीन व्यक्ति को पाने का अवसर है, क्योंकि हमें लगता है कि ये ऐसे अद्भुत लोग हैं जिन्हें रहने की अनुमति नहीं मिलती।”

उन्होंने कहा कि कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद “आपको भारत लौटना पड़ता है, चीन लौटना पड़ता है, फ्रांस लौटना पड़ता है… जहां से भी आए हैं, वहीं लौटना पड़ता है। यहाँ रहना बहुत मुश्किल है। यह शर्म की बात है।”

IBM के भारतीय-अमेरिकी CEO अरविंद कृष्णा और Dell Technologies के CEO माइकल डेल के साथ मंच साझा करते हुए ट्रंप ने बताया कि गोल्ड कार्ड की वेबसाइट लाइव है और कंपनियां अब उन छात्रों को “खरीद” सकती हैं जिन्हें वे व्हार्टन, हार्वर्ड और MIT जैसी शीर्ष अमेरिकी विश्वविद्यालयों से हायर करती हैं, ताकि वे अमेरिका में रह सकें।

ट्रंप ने कहा कि Apple के CEO टिम कुक सहित कई बड़ी कंपनियों ने शिकायत की है कि वे सर्वश्रेष्ठ छात्रों को हायर नहीं कर पातीं क्योंकि “यह पता नहीं होता कि कर्मचारी यहां रह पाएगा या नहीं।”

उन्होंने कहा कि छात्रों को “देश से बाहर फेंक दिया जाता है।”

ट्रंप बोले, “आप अपने कॉलेज में नंबर-1 पास करते हैं, और फिर भी यह गारंटी नहीं होती कि आप देश में रह पाएंगे।”

उनके अनुसार गोल्ड कार्ड इस समस्या को पूरी तरह हल करेगा।

उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया से अमेरिका को “कई अरब डॉलर” मिलेंगे जो देश के उपयोग में आएंगे।

ट्रंप ने गोल्ड कार्ड को ग्रीन कार्ड से बेहतर, अधिक शक्तिशाली और नागरिकता की ओर एक मजबूत मार्ग बताया।

उन्होंने कहा कि कंपनियां अब सीधे विश्वविद्यालयों में जाकर कार्ड खरीद सकती हैं और छात्रों को अमेरिका में रख सकती हैं।

उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि यदि IBM व्हार्टन का टॉपर हायर करना चाहती है लेकिन उसे रोके रखने की गारंटी नहीं होती, तो कंपनी गोल्ड कार्ड खरीद सकती है और “वह कर्मचारी बहुत लंबे समय तक अमेरिका में रह सकता है।”

H-1B सख्ती के बीच आया नया गोल्ड कार्ड कदम

इस घोषणा के बीच, भारत में हज़ारों H-1B वीज़ा आवेदकों के इंटरव्यू अचानक कई महीनों के लिए टाल दिए गए हैं, ताकि उनके सोशल मीडिया पोस्ट की अधिक जांच की जा सके।

ट्रंप प्रशासन पहले से ही H-1B कार्यक्रम को कड़ा कर चुका है।

गोल्ड कार्ड के बारे में क्या कहा वाणिज्य सचिव ने?

अमेरिकी वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लुटनिक ने बताया:

  1. व्यक्ति के लिए कीमत: 1 मिलियन डॉलर
  2. कंपनी के लिए कीमत: 2 मिलियन डॉलर
  3. “सर्वश्रेष्ठ” और “पूरी तरह” जांच के बाद ही यह वीज़ा मिलेगा
  4. 5 साल बाद व्यक्ति अमेरिकी नागरिकता के योग्य हो जाएगा
  5. कंपनियां उसी कार्ड पर किसी नए व्यक्ति को भी बाद में जोड़ सकती हैं
  6. यह वीज़ा केवल “सबसे बेहतरीन लोगों” को लाने के लिए है

उन्होंने दावा किया कि औसत ग्रीन कार्ड धारक की आय औसत अमेरिकी से कम थी और वे सहायता कार्यक्रमों पर अधिक निर्भर थे। गोल्ड कार्ड से केवल “सर्वश्रेष्ठ लोग” ही आएंगे।

गोल्ड कार्ड आवेदन प्रक्रिया

आधिकारिक वेबसाइट trumpcard.gov पर आवेदन उपलब्ध है, जिसमें कहा गया है:

  1. USD 15,000 प्रोसेसिंग शुल्क
  2. USD 1 मिलियन का योगदान (पृष्ठभूमि जांच के बाद)
  3. “रिकॉर्ड समय में अमेरिकी निवास”

ट्रंप ने कहा, “मेरे लिए और देश के लिए यह बेहद रोमांचक है कि हमने ‘ट्रंप गोल्ड कार्ड’ लॉन्च किया है।”

PTI YAS AMS RD RD RD