
वॉशिंगटन, 27 नवंबर (AP) — राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि व्हाइट हाउस के पास दो नेशनल गार्ड सदस्यों पर हुए “नृशंस हमले” से साबित होता है कि ढीली प्रवासन नीतियां “हमारे देश के सामने सबसे बड़ा राष्ट्रीय सुरक्षा खतरा” हैं।
उन्होंने कहा, “कोई भी देश अपनी खुद की सुरक्षा के लिए ऐसे खतरे को बर्दाश्त नहीं कर सकता।”
ट्रम्प के ये बयान, जो सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो में आए, यह दर्शाते हैं कि वे देश की आव्रजन प्रणाली को पूरी तरह बदलने और पहले से मौजूद प्रवासियों की भी कड़ी जांच करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। पहले से ही बड़े पैमाने पर निर्वासन की कार्रवाई चल रही है, और इस घटना पर उनकी प्रतिक्रिया दिखाती है कि उनका फोकस नहीं बदलेगा।
शूटर अफ़गान नागरिक होने का संदेह
ट्रम्प और दो कानून प्रवर्तन अधिकारियों के अनुसार, घटना में संदिग्ध हमलावर एक अफ़गान नागरिक है। वह सितंबर 2021 में अमेरिका आया था, जब काबुल में सरकार गिरने के बाद अफ़रा-तफ़री के बीच तालिबान ने सत्ता संभाली थी और हज़ारों लोगों को निकाला जा रहा था।
29 वर्षीय संदिग्ध ऑपरेशन एलाइज वेलकम कार्यक्रम के तहत अमेरिका लाया गया था — यह बाइडेन प्रशासन की पहल थी जिसमें अफ़गानिस्तान से अमेरिकी सेना व राजनयिकों के साथ काम करने वाले लगभग 76,000 लोगों को अमेरिका में बसाया गया।
इस कार्यक्रम की जांच ट्रम्प और उनके सहयोगियों, रिपब्लिकन सांसदों और सरकारी निगरानी एजेंसियों द्वारा की जाती रही है, क्योंकि इसके तहत तीव्र गति से लोगों को लाया गया और कई मामलों में वेटिंग प्रक्रिया पर सवाल उठे। जबकि समर्थकों का कहना है कि यह उन लोगों के लिए जीवनरक्षक अवसर था जिन्हें तालिबान से खतरा था।
ट्रम्प ने अफ़गानिस्तान को “धरती का नरक” करार देते हुए कहा कि उनका प्रशासन राष्ट्रपति बाइडेन के दौर में आए सभी अफ़गानों की फिर से समीक्षा करेगा — और यह योजना घटना से पहले ही बन चुकी थी।
मिनेसोटा पर भी निशाना
अपने बयान में ट्रम्प ने मिनेसोटा का जिक्र करते हुए कहा कि वहां “सैकड़ों हज़ार सोमालियाई” हैं जो राज्य को “बर्बाद कर रहे हैं।”
मिनेसोटा में लगभग 87,000 की सबसे बड़ी सोमाली आबादी रहती है, जिनमें से कई वर्षों से शरणार्थी के रूप में आए थे।
यह टिप्पणी इस बात की याद दिलाती है कि प्रवासन को सीमित करने के लिए उनका एजेंडा कितना व्यापक है।
अधिक कठोर कदमों की तैयारी
प्रशासन पहले से ही अवैध रूप से रह रहे लोगों को देश से निकालने और शरणार्थियों के प्रवेश पर पाबंदियां बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है। ट्रम्प के बयान ने संकेत दिया कि यह निगरानी अब और सख्त होगी।
उन्होंने कहा कि वे किसी ऐसे व्यक्ति को हटाना चाहते हैं “जो यहां रहने योग्य नहीं है या हमारे देश को कोई लाभ नहीं देता।”
उन्होंने जोड़ाः “अगर वे हमारे देश से प्यार नहीं कर सकते, तो हमें उनकी ज़रूरत नहीं है।”
अफ़गानों की सभी इमिग्रेशन प्रक्रियाएं रोक दी गईं
उनके बयान के बाद, अमेरिकी नागरिकता और आव्रजन सेवाओं (USCIS) ने घोषणा की कि अफ़गान नागरिकों की सभी लंबित इमिग्रेशन फाइलों की प्रोसेसिंग को अनिश्चितकाल के लिए रोक दिया जाएगा।
अफ़गान समुदाय में चिंता
अफ़गान विस्थापितों के समर्थकों ने चिंता व्यक्त की कि तालिबान से बचकर आए लोग अब फिर से संदेह के घेरे में आ सकते हैं।
#AfghanEvac के अध्यक्ष शॉन वैनडाइवर ने कहा—
“मैं नहीं चाहता कि कोई इस त्रासदी का इस्तेमाल राजनीतिक हथकंडे के रूप में करे।”
उन्होंने कहा कि बुधवार की घटना से उन हज़ारों अफ़गानों की छवि धूमिल नहीं होनी चाहिए जिन्होंने कानूनी प्रक्रिया से अमेरिका में बसने के लिए कड़ी जांचें पूरी की हैं।
कार्यक्रम रुका, कई लोग अब भी फंसे
ऑपरेशन एलाइज वेलकम के तहत हज़ारों अफ़गान पहले अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर लाए गए, जहां उनकी प्रक्रिया और स्वास्थ्य जांच हुई।
चार साल बाद भी क़तर, अल्बानिया जैसे देशों में कई लोग अभी भी फंसे हुए हैं। ट्रम्प के दूसरी बार राष्ट्रपति बनने के बाद यह कार्यक्रम रोक दिया गया था, जिसके चलते वे आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं।
उप-राष्ट्रपति जे.डी. वांस ने बाइडेन की आलोचना करते हुए कहा कि “अवांछित अफ़गान शरणार्थियों की बाढ़” वही खतरा है जिसका वे लंबे समय से हवाला देते रहे हैं।
उन्होंने कहा, “आज की रात यह याद दिलाती है कि जो लोग कहते हैं कि हमारी आव्रजन नीतियां बहुत कठोर हैं — वे गलत हैं।” (AP) RD RD
