
दावोस, 22 जनवरी (एपी) अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप स्विट्ज़रलैंड के दावोस में विश्व आर्थिक मंच (वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम) के दौरान अपने अंतरराष्ट्रीय “बोर्ड ऑफ पीस” को बढ़ावा देने के लिए एक दर्जन से अधिक देशों के राष्ट्रपतियों, प्रधानमंत्रियों और शीर्ष राजनयिकों की मेजबानी कर रहे हैं।
फोरम के कार्यक्रम के अनुसार, प्रतिभागियों की सूची में मध्य पूर्व और दक्षिण अमेरिका के देशों की संख्या अधिक है, लेकिन यूरोप के प्रमुख अमेरिकी सहयोगी देशों की भागीदारी सीमित है और पूर्ण सदस्यता सूची अभी भी स्पष्ट नहीं है। ट्रंप के साथ विदेश मंत्री मार्को रुबियो और अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ मौजूद हैं।
यूरोप ने गुरुवार को राहत की सांस ली, जब ट्रंप ने दावोस में ग्रीनलैंड को लेकर एक दिन पहले अपने रुख में नाटकीय बदलाव किया और उन आठ यूरोपीय देशों पर प्रस्तावित टैरिफ को रद्द कर दिया, जिन पर वे ग्रीनलैंड पर अमेरिकी नियंत्रण के लिए दबाव बनाने के उद्देश्य से शुल्क लगाने की धमकी दे रहे थे।
ताज़ा अपडेट: जेलेंस्की दावोस वार्ता के लिए पहुंचे
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यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की पैनल चर्चा से पहले कांग्रेस सेंटर पहुंच गए हैं।
उन्होंने मीडिया के सामने से बिना कोई सवाल लिए आगे बढ़ते हुए प्रवेश किया।
पुतिन ने मॉस्को में फ़िलिस्तीनी राष्ट्रपति अब्बास से मुलाकात की
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रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने गुरुवार को मॉस्को में फ़िलिस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास की मेजबानी की और उनसे बातचीत की।
रूसी राष्ट्रपति ने कहा, “1988 में सोवियत संघ ने फ़िलिस्तीनी राज्य को मान्यता दी थी और आज भी हम उसी रुख पर कायम हैं।”
उन्होंने कहा, “फ़िलिस्तीन और मध्य पूर्व समाधान के मुद्दों पर हमारा दृष्टिकोण सिद्धांत आधारित है, अवसरवादी नहीं। हमारा मानना है कि केवल फ़िलिस्तीनी राज्य के गठन और उसके सुचारू संचालन से ही मध्य पूर्व संघर्ष का अंतिम समाधान संभव है।”
पुतिन ने कहा कि दोनों नेता गाज़ा की स्थिति और “इज़राइल-फ़िलिस्तीन ट्रैक” पर, जिसमें ट्रंप की शांति योजना भी शामिल है, चर्चा करेंगे।
पुतिन के अनुसार, मॉस्को बोर्ड में शामिल होने के निमंत्रण पर विचार कर रहा है। उन्होंने अमेरिका में जमी रूसी संपत्तियों से एक अरब डॉलर बोर्ड को भेजने का प्रस्ताव भी रखा है।
“सबसे पहले, फ़िलिस्तीनी जनता के समर्थन के लिए इन धनराशियों को गाज़ा के पुनर्निर्माण और सामान्य रूप से फ़िलिस्तीन की समस्याओं के समाधान के लिए आवंटित किया जाए,” पुतिन ने अब्बास से कहा।
“मुझे लगता है कि यह पूरी तरह संभव है,” पुतिन ने कहा। “हमने पहले भी अमेरिकी प्रशासन के प्रतिनिधियों के साथ ऐसे विकल्पों पर चर्चा की है और आज इस विषय पर मॉस्को में एक बैठक और बातचीत तय है।”
गुरुवार को पुतिन की स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुश्नर से भी मुलाकात होनी है।
चीन ने पवन ऊर्जा को लेकर ट्रंप के दावे का खंडन किया
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चीन ने गुरुवार को ट्रंप के उस दावे को खारिज कर दिया जिसमें उन्होंने कहा था कि चीन अपने देश में पवन ऊर्जा टर्बाइनों का उपयोग नहीं करता, जबकि अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में उसका दबदबा है।
ट्रंप ने बुधवार को दावोस में अपने भाषण में पवन ऊर्जा की आलोचना करते हुए कहा था कि “मूर्ख लोग” चीन से पवनचक्कियां खरीद रहे हैं, जबकि चीन खुद इन्हें अपने यहां इस्तेमाल नहीं करता।
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने कहा कि नवंबर के अंत तक चीन की पवन ऊर्जा क्षमता 600 मिलियन किलोवाट थी। उन्होंने यह भी जोड़ा कि पवन और सौर ऊर्जा उपकरणों के चीनी निर्यात से अन्य देशों को कार्बन उत्सर्जन कम करने में मदद मिली है।
बीजिंग में उन्होंने कहा, “जलवायु परिवर्तन से निपटने और वैश्विक नवीकरणीय ऊर्जा के विकास और उपयोग को बढ़ावा देने में चीन के प्रयास सबके सामने स्पष्ट हैं।”
(एपी) SKS SKS
