पेरिस, 10 जुलाई (पीटीआई):
यूनेस्को की विश्व धरोहर समिति ने तीन अफ्रीकी धरोहर स्थलों—मेडागास्कर के एट्सिननाना वर्षावन, मिस्र के अबू मीना और लीबिया के ओल्ड टाउन ऑफ घदामेस—को ‘खतरे में’ विश्व धरोहर स्थलों की सूची से हटा दिया है। यह फैसला 9 जुलाई को पेरिस में चल रहे 47वें सत्र के दौरान लिया गया, जिसमें इन स्थलों की सांस्कृतिक और पारिस्थितिक अखंडता बहाल करने के लिए किए गए सफल प्रयासों को मान्यता दी गई।
हटाए गए स्थल
| स्थल का नाम | देश | पहली बार सूची में शामिल | खतरे में सूची में शामिल | मुख्य खतरे/कारण | हटाने का कारण |
|---|---|---|---|---|---|
| एट्सिननाना के वर्षावन | मेडागास्कर | 2007 | 2010 | अवैध लकड़ी कटाई, तस्करी, वनों की कटाई | संरक्षण प्रयासों की सफलता |
| अबू मीना | मिस्र | 1979 | 2001 | जल स्तर में वृद्धि, संरचनाओं का गिरना | जल स्तर नियंत्रण, पुनर्स्थापन |
| ओल्ड टाउन ऑफ घदामेस | लीबिया | 1986 | 2016 | संघर्ष, आग, बाढ़ | संरचनात्मक स्थिरीकरण, संरक्षण |
प्रमुख तथ्य
- एट्सिननाना के वर्षावन (मेडागास्कर):
इन वर्षावनों को 2007 में जैव विविधता के लिए सूचीबद्ध किया गया था। अवैध लकड़ी कटाई और वनों की कटाई के कारण 2010 में ‘खतरे में’ सूची में डाला गया था। हाल ही में संरक्षण प्रयासों से स्थिति में सुधार हुआ है। - अबू मीना (मिस्र):
यह स्थल प्रारंभिक ईसाई तीर्थ स्थल के रूप में प्रसिद्ध है। 2001 में आसपास के खेतों की सिंचाई से जल स्तर बढ़ने और संरचनाओं के गिरने के कारण ‘खतरे में’ सूची में डाला गया था। जल स्तर को नियंत्रित करने और संरचनाओं के पुनर्स्थापन से अब यह सुरक्षित है। - ओल्ड टाउन ऑफ घदामेस (लीबिया):
यह स्थल सहारा के किनारे स्थित अपनी अनूठी वास्तुकला और सांस्कृतिक महत्व के लिए जाना जाता है। 2016 में संघर्ष, आग और बाढ़ के कारण ‘खतरे में’ सूची में डाला गया था। संरचनात्मक स्थिरीकरण और संरक्षण कार्यों के बाद इसे सूची से हटा दिया गया।
यूनेस्को की प्रतिक्रिया
यूनेस्को की महानिदेशक ऑड्रे अज़ुले ने कहा,
“जब किसी स्थल को ‘खतरे में’ सूची से हटाया जाता है, तो यह सभी के लिए एक बड़ी जीत है—संबंधित देशों, समुदायों, यूनेस्को और मानवता की साझा धरोहर के लिए। हम अफ्रीका के लिए विशेष प्रयास कर रहे हैं, विशेषज्ञों को प्रशिक्षित करने, नई प्रविष्टियों को सुविधाजनक बनाने और कुछ स्थलों को खतरे से बाहर लाने के लिए रणनीतियों का समर्थन कर रहे हैं। आज ये प्रयास रंग ला रहे हैं।”
हालिया प्रगति
- 2021 के बाद से, डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो, युगांडा और सेनेगल के तीन अन्य अफ्रीकी स्थल भी ‘खतरे में’ सूची से हटाए गए हैं।
- ‘खतरे में’ सूची का उद्देश्य स्थलों के सामने मौजूद खतरों की जानकारी देना और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को संरक्षण के लिए प्रेरित करना है। इससे स्थलों को तकनीकी और वित्तीय सहायता भी मिलती है।
नोट: यह उपलब्धि अफ्रीकी देशों और यूनेस्को के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है, जिसने इन स्थलों की सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत को संरक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है

