तुर्कमान गेट हिंसा: भाजपा के नक़वी ने ‘सांप्रदायिक साज़िश सिंडिकेट’ से सतर्क रहने की दी सलाह

New Delhi: Men stand at the entrance of Syed Faiz Elahi mosque amid debris after demolition of alleged encroachments on land adjoining the mosque by the Municipal Corporation of Delhi (MCD), in the Turkman Gate area of New Delhi, Thursday, Jan. 8, 2026. (PTI Photo/Ravi Choudhary)(PTI01_08_2026_000010B) *** Local Caption ***

नई दिल्ली, 8 जनवरी (पीटीआई) दिल्ली के तुर्कमान गेट पर अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान हुई हिंसा के मद्देनज़र भाजपा के वरिष्ठ नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने गुरुवार को कहा कि लोगों को ऐसे “सांप्रदायिक साजिश सिंडिकेट” से सावधान रहना चाहिए, जो इस तरह की घटनाओं से राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश करते हैं।

नकवी ने तुर्कमान गेट के पास अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान कुछ तत्वों द्वारा सांप्रदायिक हिंसा भड़काने के प्रयासों की निंदा की।

दिल्ली के रामलीला मैदान क्षेत्र में फैज़-ए-इलाही मस्जिद के पास मंगलवार और बुधवार की दरम्यानी रात चलाए गए अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान हिंसा भड़क उठी, जब कई लोगों ने पुलिसकर्मियों पर पथराव किया। इस घटना में क्षेत्र के थाना प्रभारी समेत पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए।

प्रदर्शन को काबू में करने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। चार लोगों को गिरफ्तार किया गया, जबकि एक नाबालिग को हिरासत में लिया गया। पुलिस ने यह भी बताया कि 10 से 15 लोगों को हिरासत में लिया गया है।

नकवी ने कहा कि हिंसा भड़काने वाले लोग “साजिशकर्ताओं की जमात” का हिस्सा हैं, जो सांप्रदायिकता के जरिए सामाजिक सौहार्द को हाईजैक करने की कोशिश कर रहे हैं।

पूर्व अल्पसंख्यक कार्य मंत्री ने संवाददाताओं से कहा, “सांप्रदायिक उन्माद गढ़ने का ठेका लेने वाले ऐसे आपराधिक सिंडिकेट को खत्म करना समाज की सुरक्षा और सद्भाव सुनिश्चित करने के लिए जरूरी है।”

नकवी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हालिया टिप्पणियों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसने के लिए कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी पर भी निशाना साधा।

उन्होंने कहा कि भाजपा की चुनावी जीतों का “अंकगणित” उस “वंशवादी गणित” को परेशान कर रहा है, जो सत्ता को विरासत मानता है।

भाजपा नेता ने कहा कि राजनीतिक मैदान में प्रदर्शन करने के बजाय कांग्रेस चुनावी व्यवस्था को दोष दे रही है और “हारने वालों की प्रयोगशाला” बन गई है।

ट्रंप की मोदी के साथ संबंधों और टैरिफ को लेकर हालिया टिप्पणियों के संदर्भ में गांधी ने बुधवार को सरकार पर कटाक्ष किया था और 1971 का एक पुराना वीडियो साझा किया था, जिसमें उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा अमेरिका के दबाव का सामना करने की बात कही थी।

ट्रंप ने मंगलवार को कहा था कि वाशिंगटन द्वारा रूस से तेल खरीदने पर भारत पर लगाए गए टैरिफ के कारण प्रधानमंत्री मोदी “मुझसे बहुत खुश नहीं हैं”।

हाउस जीओपी मेंबर रिट्रीट में भाषण देते हुए ट्रंप ने यह भी दावा किया कि “प्रधानमंत्री मोदी मुझसे मिलने आए, ‘सर, क्या मैं आपसे मिल सकता हूं?’ हां।” पीटीआई

श्रेणी: ब्रेकिंग न्यूज़

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