
नई दिल्ली, 23 जनवरी (पीटीआई): महाराष्ट्र सरकार द्वारा विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) के दावोस सम्मेलन में 30 लाख करोड़ रुपये के निवेश समझौतों (एमओयू) पर हस्ताक्षर करने के दावे के बीच, कांग्रेस ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर तीखा हमला बोला और सवाल किया कि क्या वह ऐसे निवेश दावे प्रधानमंत्री बनने की मंशा से कर रहे हैं।
कांग्रेस के प्रवक्ता अतुल लोंढे पाटिल ने कहा कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस बड़े तामझाम के साथ दावोस गए और अब यह दावा कर रहे हैं कि आने वाले दिनों में राज्य में 30 लाख करोड़ रुपये का निवेश आएगा।
उन्होंने कहा, “2023-24 में जब एकनाथ शिंदे मुख्यमंत्री थे, तब 3.6 लाख करोड़ रुपये के निवेश की बात कही गई थी। फिर जब शिंदे को हटाकर फडणवीस मुख्यमंत्री बने, तो 2024-25 में 15 लाख करोड़ रुपये के निवेश की बात सामने आई। और अब 30 लाख करोड़ रुपये का आंकड़ा बताया जा रहा है।”
पाटिल ने कहा कि सवाल यह है कि क्या यह निवेश का दावा प्रधानमंत्री बनने के लिए किया जा रहा है।
उन्होंने कहा, “आंकड़ों के अनुसार, पिछले तीन वर्षों में ही 50 लाख करोड़ रुपये का निवेश आ चुका है। अगर ऐसा है, तो फिर सभी समस्याएं तो खत्म हो जानी चाहिए थीं, है ना?”
उन्होंने सवाल उठाया कि महाराष्ट्र सरकार ने कितने एमओयू पर हस्ताक्षर किए और उनमें से कितने वास्तव में जमीन पर उतरे।
“इस प्रक्रिया के तहत कितने लोगों को जमीन के भूखंड आवंटित किए गए? कितने एमओयू उत्पादन में बदले और कितनों से रोजगार पैदा हुआ? जिन कंपनियों के साथ एमओयू हुए, उनमें से कितनी सूचीबद्ध या पंजीकृत हैं?” उन्होंने पूछा।
उन्होंने यह भी सवाल किया कि एमआईडीसी, सिडको और एमएमआरडीए के पास कितनी जमीन उपलब्ध है।
गौरतलब है कि फडणवीस ने गुरुवार को कहा था कि महाराष्ट्र ने दावोस में डब्ल्यूईएफ के दौरान 30 लाख करोड़ रुपये के एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं, जिनसे उद्योग, सेवा, कृषि और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में करीब 40 लाख नौकरियां पैदा हो सकती हैं।
स्विट्ज़रलैंड के शहर दावोस से वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए फडणवीस ने कहा था कि 7 से 10 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाओं पर बातचीत प्रारंभिक चरण में है और अगले दो महीनों में एमओयू साकार होने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि 83 प्रतिशत एमओयू प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) से जुड़े हैं। करीब 16 प्रतिशत निवेश वित्तीय संस्थानों में तकनीकी साझेदारी के रूप में है, और ये आयात-प्रतिस्थापन तकनीकें हैं।
फडणवीस पर निशाना साधते हुए लोंढे ने कहा कि 2018 में ‘मैग्नेटिक महाराष्ट्र’ नामक कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जिसमें 16 लाख करोड़ रुपये के निवेश और 8 लाख नौकरियां पैदा होने का वादा किया गया था।
उन्होंने कहा, “लेकिन सच्चाई यह है कि अकेले पुणे में ही 32 लाख किसानों के बच्चे सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे हैं। हर साल वे आंदोलन करते हैं, फिर भी रोजगार नहीं मिल पा रहा है।”
उन्होंने सवाल किया, “आखिर जनता से ऐसे झूठ क्यों बोले जाते हैं?”
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