नई दिल्ली [भारत], 12 फरवरी: भारत के पर्वतारोहण समुदाय और पूरा देश एक ऐतिहासिक उपलब्धि का जश्न मना रहा है। गाजियाबाद में रहने वाली और मूल रूप से दिल्ली के सदतपुर एक्सटेंशन की निवासी 42 वर्षीय भारतीय पर्वतारोही ज्योति शर्मा ने अफ्रीका के सबसे ऊँचे पर्वत माउंट किलिमंजारो (उहुरू पीक) (5,895 मीटर) की सबसे तेज़ सफल एकल चढ़ाई का नया रिकॉर्ड बनाया है।
42 वर्षीय पर्वतारोही ने 26 जनवरी 2026 को सुबह 8:18 बजे—भारत के 77वें गणतंत्र दिवस पर—उहुरू पीक पर पहुँचकर पूरी चढ़ाई को मात्र 2 दिन, 19 घंटे और 44 मिनट में पूरा किया।
ज्योति शर्मा की इस एकल चढ़ाई को तंजानिया के किलिमंजारो नेशनल पार्क प्राधिकरण से आधिकारिक प्रमाणन प्राप्त हुआ है। जारी प्रमाणपत्र में उनके प्रवेश समय, शिखर समय और ट्रेक पूर्ण करने का विवरण दर्ज है, जिसे जीपीएस ट्रैकिंग डेटा द्वारा समर्थित किया गया, जिसने पूरे अभियान के दौरान उनके सटीक निर्देशांक रिकॉर्ड किए। यह अभियान नेपाल की अग्रणी पर्वतारोहण कंपनी द्वारा मॉनिटर किया गया। प्रमाणपत्र में पूर्ण सत्यापन हेतु स्कैन करने योग्य बारकोड भी शामिल है, जो उपलब्धि की पारदर्शिता और अंतरराष्ट्रीय विश्वसनीयता सुनिश्चित करता है।
उन्होंने मरांगू रूट से चढ़ाई की शुरुआत की। उनका अभियान विभिन्न पारिस्थितिक क्षेत्रों से होकर गुजरा—मरांगू गेट से मंडारा हट तक वर्षावन क्षेत्र, मंडारा से होरोम्बो हट तक मूरलैंड क्षेत्र, होरोम्बो से किबो हट तक अल्पाइन रेगिस्तान, और अंत में किबो हट से उहुरू पीक तक आर्कटिक क्षेत्र की कठिन चढ़ाई।
शिखर पर पहुँचने के बाद ज्योति शर्मा ने कहा, “भारत के 77वें गणतंत्र दिवस पर माउंट किलिमंजारो के शिखर पर खड़ा होना मेरे लिए बेहद भावुक क्षण था। यह चढ़ाई रिकॉर्ड बनाने के लिए नहीं थी—यह साबित करने के लिए थी कि अनुशासन, तैयारी और विश्वास आपको उम्र, डर और संदेह से परे ले जा सकते हैं। मैं इस उपलब्धि को अपने देश और उन सभी लोगों को समर्पित करती हूँ जो सोचते हैं कि शुरुआत करने में देर हो चुकी है।”
एलआरएस सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड की मार्केटिंग ब्रांड एंबेसडर ज्योति कई वर्षों से पर्वतारोहण में सक्रिय हैं। उनकी यात्रा में 2023 में सैंडाकफू, 2024 में एवरेस्ट बेस कैंप और 2025 में ब्रिटेन की सबसे ऊँची चोटी बेन नेविस की चढ़ाई शामिल है।
उनके वरिष्ठ गाइड रमाधानी मोहामेदी अबेदी ने उनकी दृढ़ता की प्रशंसा करते हुए कहा, “ज्योति, आप बेहद मजबूत महिला हैं—एक सच्ची सुपरवुमन जो कभी हार नहीं मानती। यह तो बस शुरुआत है, एक दिन आप लाखों लोगों को प्रेरित करेंगी।”
अपनी यात्रा के समापन पर ज्योति ने कहा, “मेरे मन में केवल अपने देश और परिवार को गर्व का क्षण देने का विचार था और अपने आप से किया वादा निभाना था—कि सपनों की कोई उम्र नहीं होती।”
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