
नई दिल्ली, 4 जून (पीटीआई) — मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को कहा कि केंद्र सरकार दिल्ली को भीड़ और प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में सहयोग कर रही है, जिनमें आईएनए से आईजीआई हवाई अड्डे तक प्रस्तावित एलिवेटेड रोड भी शामिल है।
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के साथ बैठक के बाद गुप्ता ने बताया कि ₹24,000 करोड़ की लागत वाली परियोजनाओं की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर ली गई है।
उन्होंने कहा कि सराय काले खां से आईजीआई एयरपोर्ट तक एक सुरंग की व्यवहार्यता का भी आकलन किया जा रहा है। बैठक में उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना, केंद्रीय मंत्री हर्श मल्होत्रा और दिल्ली सरकार के मंत्री भी उपस्थित थे। बैठक का उद्देश्य राष्ट्रीय राजधानी में चल रही एनएचएआई परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करना था।
गुप्ता ने कहा कि “डबल इंजन” सरकार दिल्लीवासियों के लिए लाभकारी सिद्ध हो रही है — यह संकेत भाजपा की केंद्र और दिल्ली दोनों जगह सरकार में होने का है।
उन्होंने बताया, “दिल्ली में एनएचएआई की ₹35,000 करोड़ की परियोजनाएं चल रही हैं, जबकि ₹64,000 करोड़ की परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं,” और इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नितिन गडकरी का आभार जताया।
मुख्यमंत्री ने यह भी साझा किया कि एनएचएआई ने राजधानी के लिए ₹150 करोड़ की रोड ओवरब्रिज (RoB) और रोड अंडरब्रिज (RuB) परियोजनाएं भी मंज़ूर की हैं।
गुप्ता ने कहा कि कुल ₹1.25 लाख करोड़ की परियोजनाएं दिल्ली के लिए की गई हैं और इनसे राजधानी की यातायात व्यवस्था बेहतर होने के साथ-साथ प्रदूषण में भी कमी आएगी।
उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं में शिवमूर्ति से नेल्सन मंडेला मार्ग तक 7 किमी लंबी भूमिगत सुरंग का प्रस्ताव भी शामिल है।
मुख्यमंत्री ने कई बड़ी परियोजनाओं का ज़िक्र किया, जैसे आईएनए से एयरपोर्ट तक एलिवेटेड रोड, जिसे बाद में फरीदाबाद और गुरुग्राम से जोड़ा जाएगा; दिल्ली-कटरा-अमृतसर हाईवे को यूईआर-2 से जोड़ना और यूईआर-2 का अलीपुर से ट्रॉनिका सिटी तक विस्तार।
गुप्ता ने कहा कि इन परियोजनाओं से वाहन हरियाणा और नोएडा से देहरादून जा सकेंगे, बिना दिल्ली में प्रवेश किए।
एनएचएआई ने दिल्ली-रोहतक रोड, पंजाबी बाग से नांगलोई तक की सड़क, आश्रम-बदरपुर रोड और एमजी रोड सहित कई अन्य सड़कों के विकास की जिम्मेदारी भी ली है और इन्हें सिग्नल-फ्री बनाया जाएगा। साथ ही इन सड़कों के किनारे ड्रेनेज सिस्टम और सर्विस रोड्स भी विकसित की जाएंगी।
गुप्ता ने बताया कि एनएचएआई दिल्ली में सड़कों के निर्माण में इनर्ट वेस्ट (निर्जीव कचरे) का उपयोग कर रहा है, जिससे शहर के कूड़े के पहाड़ कम करने में मदद मिलेगी। पीटीआई एसएलबी वीआईटी आरसी
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