दिल्ली के जनकपुरी में ई-रिक्शा पलटने से 6 वर्षीय बच्ची की मौत; मदद की गुहार अनसुनी रही, परिवार का आरोप

नई दिल्ली, 19 फरवरी (पीटीआई) पश्चिमी दिल्ली के जनकपुरी इलाके में एक ई-रिक्शा के कार से टकराकर पलट जाने से छह वर्षीय बच्ची की मौत हो गई, जबकि उसकी नानी घायल हो गईं। एक अधिकारी ने गुरुवार को यह जानकारी दी।

पीटीआई से बातचीत में नानी ने उस भयावह घटना को याद करते हुए बताया कि वे रोज की तरह स्कूल के लिए निकली ही थीं कि यह हादसा हो गया।

उन्होंने कहा, “मैं अपनी नातिन के साथ ई-रिक्शा में बैठी थी और हम उसके स्कूल जा रहे थे। यह एक सामान्य सुबह थी। अचानक तेज रफ्तार कार ने हमारे रिक्शे को जबरदस्त टक्कर मारी। मुझे समझने का मौका भी नहीं मिला कि क्या हुआ और मैं सड़क पर जा गिरी।”

दृश्य का वर्णन करते हुए उनकी आवाज कांपने लगी। “जब मैंने आंखें खोलीं तो मैं जमीन पर पड़ी थी। मेरी नातिन मेरे पास ही पड़ी थी। मेरा हाथ खून से सना हुआ था। मैं सदमे और दर्द में थी, लेकिन मेरे दिमाग में सिर्फ वही थी,” उन्होंने पीटीआई को बताया।

नानी ने कहा कि बच्ची बुरी तरह खून बहा रही थी। “मैंने वहां खड़े एक कार चालक से, जो हमें देख रहा था, मदद की गुहार लगाई और बच्चे को अस्पताल ले जाने को कहा। मदद करने के बजाय वह भाग गया। मुझे याद नहीं कि वही कार थी जिसने हमें टक्कर मारी थी या नहीं,” यह कहते हुए वह फफक पड़ीं।

बच्ची की मां, जो एक अस्पताल में काम करती हैं, ने बताया कि दुर्घटना के बाद उन्हें अपनी मां का फोन आया।

उन्होंने कहा, “अस्पताल की एक कर्मचारी ने पूरी घटना देखी थी। बाद में उसने मुझे बताया कि मेरी बुजुर्ग मां सड़क पर रो रही थीं और मदद की भीख मांग रही थीं। मेरी बेटी सांस लेने के लिए जूझ रही थी। लोग इकट्ठा हो गए थे, लेकिन कोई भी उनकी मदद के लिए आगे नहीं आया,” उन्होंने आंसू रोकते हुए कहा।

उन्होंने बताया कि अस्पताल की एक नर्स ने ही एक अन्य व्यक्ति की मदद से उनकी बेटी को अस्पताल पहुंचाया।

उन्होंने कहा, “जिस कार ने रिक्शे को टक्कर मारी, वह बहुत तेज रफ्तार में थी। अगर समय पर मदद मिल जाती, तो शायद हालात अलग होते।”

पुलिस के अनुसार, 17 फरवरी की सुबह माता चानन देवी अस्पताल से एक नाबालिग लड़की से जुड़े हादसे की पीसीआर कॉल मिली थी।

हादसे में घायल बच्ची और उसकी नानी मर्सी जेवियर (57), जो लाजवंती गार्डन की निवासी हैं, को पहले माता चानन देवी अस्पताल ले जाया गया था। बाद में उन्हें द्वारका स्थित एक उन्नत चिकित्सा केंद्र में स्थानांतरित किया गया।

पुलिस के मुताबिक, उपचार के दौरान बच्ची ने दम तोड़ दिया।

एक अधिकारी ने बताया, “जांच के दौरान मर्सी जेवियर ने पुलिस को बताया कि 17 फरवरी को सुबह करीब 7.40 बजे वह अपनी नातिन के साथ ई-रिक्शा में यात्रा कर रही थीं। जनकपुरी फायर स्टेशन के पास ई-रिक्शा एक कार से टकरा गया और पलट गया, जिससे दोनों सड़क पर गिर गए और गंभीर रूप से घायल हो गए।” अधिकारी ने बताया कि जेवियर का इलाज चल रहा है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

प्रारंभिक जांच के आधार पर जनकपुरी थाने में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत लापरवाही और तेज गति से वाहन चलाकर मौत का कारण बनने का मामला दर्ज किया गया है।

जांच के दौरान दुर्घटनाग्रस्त वाहन को जब्त कर लिया गया।

अधिकारी ने बताया, “आरोपी चालक की पहचान संजीव के रूप में हुई है। उसे बुधवार को गिरफ्तार कर लिया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और फायर स्टेशन तथा आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच कर घटनाक्रम को पुनर्निर्मित किया जा रहा है।”

यह हादसा एक बार फिर शहर में चल रहे ई-रिक्शाओं को लेकर चिंता का विषय बना है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में दो लाख से अधिक ई-रिक्शा पंजीकृत हैं।

हालांकि प्रवर्तन एजेंसियों के सूत्रों का कहना है कि सड़कों पर चलने वाले ई-रिक्शाओं की वास्तविक संख्या इससे कहीं अधिक है, क्योंकि कई वाहन बिना उचित पंजीकरण या सुरक्षा मानकों का पालन किए संचालित हो रहे हैं।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि बड़ी संख्या में ई-रिक्शा भीड़भाड़ वाले आवासीय और बाजार क्षेत्रों में चलते हैं, जहां अक्सर यातायात नियमों का पालन नहीं किया जाता। कई मामलों में वाहन ओवरलोड होते हैं या सीमित प्रशिक्षण वाले चालकों द्वारा चलाए जाते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का जोखिम बढ़ जाता है।

पुलिस ने बताया कि बच्ची की मौत के मामले में आगे की जांच जारी है। (पीटीआई) बीएम एआरबी एआरबी

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