
नई दिल्ली, 2 सितंबर (पीटीआई) — दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को गीता कॉलोनी फ्लाईओवर के पास एक राहत शिविर का दौरा किया और स्थिति का जायजा लिया, क्योंकि यमुना नदी का जलस्तर 206 मीटर के निकासी स्तर की ओर बढ़ रहा है।
एक अधिकारी ने बताया कि मंगलवार सुबह दिल्ली के पुराने रेलवे पुल पर यमुना नदी का जलस्तर 205.80 मीटर तक पहुंच गया, जो खतरे के निशान 205.33 मीटर को पार कर गया है।
जलस्तर में यह बढ़ोतरी शहर के निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा पैदा कर सकती है।
गुप्ता को इस स्थिति की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों, जिनमें डिविजनल कमिश्नर नीडाज सेमवाल भी शामिल थे, द्वारा दी गई।
पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “स्थिति नियंत्रण में है। सोमवार को हथिनीकुंड बैराज से छोड़ा गया पानी आज शाम तक दिल्ली पहुंचेगा। इसके बावजूद पानी की निकासी की व्यवस्था अच्छी है।”
उन्होंने आगे कहा, “निचले इलाकों के लोगों के लिए राहत शिविरों में सभी आवश्यक प्रबंध किए गए हैं। भारी बारिश और अधिक पानी छोड़े जाने के बावजूद स्थिति नियंत्रण में है। जब तक बाढ़ नहीं आती, हम यह सुनिश्चित करेंगे कि लोगों को कोई परेशानी न हो।”
2023 में यमुना का जलस्तर 208.66 मीटर तक पहुंच गया था, लेकिन गुप्ता ने कहा कि इस बार इतनी वृद्धि की उम्मीद नहीं है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, हरियाणा, पंजाब और हिमाचल प्रदेश की सरकारों से संपर्क किया है।
उन्होंने कहा, “हम उनकी हर संभव मदद करेंगे। मैं तीन राज्यों के मुख्यमंत्रियों से आग्रह करती हूं कि हम हर तरह से आपकी सहायता करेंगे।”
बाद में सेमवाल ने बताया कि जलस्तर में वृद्धि के चलते पुराने रेलवे पुल पर यातायात बंद करने के लिए एक एडवाइजरी जारी की गई है।
उन्होंने कहा, “पानी का स्तर शाम 5 बजे तक 206 मीटर को पार कर सकता है। हमने एडवाइजरी जारी कर दी है, लेकिन अगर इससे पहले ही जलस्तर 206 मीटर पार कर गया, तो ट्रैफिक को पहले ही बंद कर दिया जाएगा। घबराने की कोई जरूरत नहीं है। हमने सभी व्यवस्थाएं कर रखी हैं।”
पीटीआई एसएलबी/एचआईजी
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