नई दिल्ली, 30 जनवरी (पीटीआई) — दिल्ली की मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (एमएसीटी) ने 2019 में नोएडा में हुए सड़क हादसे में मारे गए 29 वर्षीय युवक के परिवार को 56.33 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है। अधिकरण ने माना कि यह दुर्घटना दोषी वाहन के चालक की लापरवाह और तेज़ रफ्तार ड्राइविंग के कारण हुई।
पीठासीन अधिकारी विक्रम मृतक दिलीप कुमार की पत्नी, दो बच्चों और बुज़ुर्ग माता-पिता द्वारा दायर दावा याचिका की सुनवाई कर रहे थे।
15 जनवरी 2019 को दिलीप कुमार एक दोस्त के साथ कार में यात्रा कर रहे थे। आरोप है कि नोएडा के कासगंज रोड पर बिरावर मोड़ के पास एक ट्रक ने तेज़ रफ्तार में उनकी कार को ओवरटेक किया और अचानक ब्रेक लगा दिए, जिससे कार पीछे से ट्रक से जा टकराई। सिकंद्रा राव के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाने पर कुमार को मृत घोषित कर दिया गया।
12 जनवरी को पारित आदेश में अधिकरण ने कहा कि दुर्घटना के लिए ट्रक चालक की लापरवाही और तेज़ ड्राइविंग ज़िम्मेदार थी।
बीमा कंपनी ने इसका विरोध करते हुए कहा कि हादसा ट्रक चालक की नहीं बल्कि मृतक की लापरवाही से हुआ, क्योंकि कार पीछे से ट्रक से टकराई थी।
हालांकि, अधिकरण ने कहा कि चूंकि घटना को दोषी वाहन के चालक और मालिक दोनों ने स्वीकार किया है, इसलिए ट्रक चालक का दायित्व था कि वह दुर्घटना के तरीके का खंडन करता और यह साबित करता कि गलती उसकी नहीं थी।
अधिकरण ने आरोपों का खंडन न कर पाने पर ट्रक चालक के खिलाफ प्रतिकूल अनुमान (एडवर्स इन्फरेंस) लगाया।
यह देखते हुए कि सभी दावेदार मृतक पर आश्रित थे, अधिकरण ने विभिन्न मदों के तहत कुल 56.33 लाख रुपये का मुआवजा प्रदान किया, जिसमें 53.55 लाख रुपये आश्रितों की आय-हानि के लिए शामिल हैं।
चूंकि दुर्घटना के समय दोषी ट्रक बीमित था और बीमा कंपनी कोई वैधानिक बचाव साबित नहीं कर सकी, इसलिए अधिकरण ने वाहन बीमाकर्ता एचडीएफसी एर्गो जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को पूरी मुआवजा राशि का भुगतान करने का जिम्मेदार ठहराया। पीटीआई MDB ARB ARB
श्रेणी: ब्रेकिंग न्यूज़
SEO टैग्स: #swadesi, #News, दिल्ली ट्रिब्यूनल ने 2019 सड़क हादसे में मृत व्यक्ति के परिवार को 56.33 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया

