नई दिल्ली, 30 जून (पीटीआई) — दिल्ली पुलिस राष्ट्रीय राजधानी में चीनी मांझा की बिक्री और जमाखोरी के खिलाफ विशेष अभियान शुरू करने जा रही है। चीनी मांझा, जो कांच, धातु या अन्य धारदार पदार्थों की परत से लेपित होता है, पतंगबाजी के लिए इस्तेमाल होता है और 2017 से दिल्ली में प्रतिबंधित है।
हाल ही में, 27 जून को बाड़ा हिंदू राव अस्पताल के पास चीनी मांझा से गला कटने के कारण 22 वर्षीय युवक यश गोस्वामी की मौत हो गई थी। वह करावल नगर का निवासी था और घर लौटते समय मांझा उसकी गर्दन में फंस गया, जिससे गहरा घाव हुआ और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
पुलिस ने सभी 15 जिलों के वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे चीनी मांझा बेचने और जमा करने वालों के खिलाफ छापेमारी करें। पुलिस टीमें विभिन्न बाजारों में जाकर मांझा जब्त करेंगी और दोषियों को गिरफ्तार करेंगी। पिछले साल भी पुलिस ने ऐसे अभियानों में 20,000 से अधिक रोल जब्त किए थे और कई लोगों को गिरफ्तार किया था।
चीनी मांझा इंसानों और पक्षियों दोनों के लिए बेहद खतरनाक है। बीते वर्षों में इसके कारण कई गंभीर हादसे और मौतें हुई हैं, जिनमें बच्चे, बाइक सवार और यहां तक कि पुलिसकर्मी भी शामिल हैं।
पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे चीनी मांझा का इस्तेमाल न करें और इसकी बिक्री या भंडारण की सूचना तुरंत दें, ताकि ऐसे हादसों को रोका जा सके।

