नई दिल्ली, 1 फरवरी (पीटीआई)
दिल्ली पुलिस ने रविवार को बताया कि उसने पश्चिमी दिल्ली में दो विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार कर एक संगठित ड्रग तस्करी सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है।
यह कार्रवाई दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में सिंथेटिक ड्रग्स की आपूर्ति को निशाना बनाकर की गई, जिसके तहत आरोपियों के पास से एमडीएमए और एक्स्टसी गोलियों की बड़ी खेप बरामद की गई।
आरोपियों की पहचान नाइजीरियाई नागरिक प्रेशियस उर्फ प्रॉमिस (26) और घानाई नागरिक जेफ्री बोटेंग उर्फ माइक (44) के रूप में हुई है। दोनों पश्चिमी दिल्ली के उत्तम नगर इलाके में रह रहे थे।
पुलिस के अनुसार, राजधानी में सिंथेटिक ड्रग्स की आपूर्ति में शामिल ड्रग तस्करों की गतिविधियों की सूचना मिलने के बाद ये गिरफ्तारियां की गईं।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने प्रेशियस के पास से 270 ग्राम एमडीएमए और लगभग 18 ग्राम वजन की 40 एक्स्टसी गोलियां बरामद कीं, जबकि जेफ्री बोटेंग के पास से अतिरिक्त 72 ग्राम एमडीएमए जब्त किया गया।
पुलिस ने कहा, “दिल्ली और आसपास के इलाकों में मनोदैहिक (साइकोट्रॉपिक) पदार्थों की तस्करी में शामिल नेटवर्क की पहचान करने और उन्हें ध्वस्त करने के लिए यह अभियान कई महीनों तक चलाया गया।”
पुलिस के अनुसार, एक सूचना के आधार पर टीम को जानकारी मिली थी कि प्रेशियस मोहन गार्डन के पास ड्रग्स की सप्लाई के लिए आएगा। इसके बाद मौके पर एक छापेमारी टीम तैनात की गई। रात करीब 11.50 बजे एक व्यक्ति वहां पहुंचा, जिसे पकड़ लिया गया। उसकी पहचान प्रेशियस उर्फ प्रॉमिस के रूप में हुई और तलाशी के दौरान उसके पास से ड्रग्स और एक्स्टसी गोलियां बरामद की गईं।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया, “प्रेशियस को पिछले वर्ष 9 दिसंबर को गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ के दौरान उसने खुलासा किया कि वह 2022 में मेडिकल वीजा पर भारत आया था, जिसकी अवधि समाप्त हो चुकी थी, और वह अवैध रूप से देश में रह रहा था। उसने बताया कि वह पश्चिमी दिल्ली में अपने सहयोगियों से ड्रग्स हासिल करता था और फर्जी मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल कर तथा बातचीत को डिलीट करके भारतीय ग्राहकों को सप्लाई करता था, ताकि पकड़ में न आए।”
आगे की जांच में 30 जनवरी को उत्तम नगर से जेफ्री बोटेंग को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने बताया कि वह 2018 में पर्यटक वीजा पर भारत आया था और वीजा की अवधि समाप्त होने के बाद भी देश में रुका हुआ था।
पूछताछ के दौरान बोटेंग ने प्रेशियस के साथ मिलकर दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में ड्रग सिंडिकेट चलाने और ड्रग्स की आपूर्ति करने की बात कबूल की। उसने यह भी बताया कि उसे पहले 2019 में ख्याला थाना क्षेत्र में दर्ज एनडीपीएस एक्ट के एक मामले में गिरफ्तार किया जा चुका है।
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