नई दिल्ली, 19 जून (पीटीआई) — दिल्ली पुलिस ने तीन युवकों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने कथित तौर पर बस में एक यात्री का मोबाइल फोन चुराया और फर्जी यूपीआई आईडी के जरिये पीड़ित के बैंक खातों से 7.2 लाख रुपये निकाल लिए। अधिकारियों ने गुरुवार को यह जानकारी दी।
आरोपियों की पहचान मोहन गार्डन के रहने वाले अमन (25) और कार्तिकेय (25) तथा नांगलोई के प्रिंस यादव (20) के रूप में हुई है। उन्होंने चोरी किए गए पैसे का इस्तेमाल उत्तराखंड में देहरादून, हरिद्वार और केदारनाथ घूमने के लिए किया।
पुलिस के अनुसार, पीड़ित का मोबाइल फोन 24 मई को दिल्ली गेट के पास बस में यात्रा के दौरान चोरी हो गया था।
29 मई को जब पीड़ित को पता चला कि उसके तीन बैंक खातों से 7.2 लाख रुपये निकाल लिए गए हैं, तब उसने नजफगढ़ थाने में मामला दर्ज कराया।
डीसीपी (द्वारका) अंकित सिंह ने बताया, “तकनीकी जांच में पता चला कि ट्रांसफर की गई रकम उत्तराखंड के विभिन्न हिस्सों में खर्च की गई। यूपीआई ट्रांजेक्शन के लिए श्याम कुमार नामक व्यक्ति के मोबाइल नंबर का इस्तेमाल किया गया।”
जांच के दौरान श्याम कुमार ने बताया कि उसने यह लेन-देन अपने परिचित शशांक के कहने पर किया था, जो उस समय उत्तराखंड में था।
आगे की जांच में पुलिस ने कार्तिकेय को गिरफ्तार किया, जिसने पूछताछ में बताया कि उसके दोस्त अमन ने उत्तराखंड से ट्रांजेक्शन करवाने के लिए कहा था।
उसकी सूचना पर पुलिस ने अमन और प्रिंस यादव को भी गिरफ्तार कर लिया, जबकि डैनी, ऋतिक और सुमित नामक तीन अन्य आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।
पूछताछ में अमन और प्रिंस ने बताया कि उन्होंने और फरार आरोपियों ने मिलकर बस में मोबाइल फोन चुराया था।
चूंकि फोन लॉक नहीं था, वे पीड़ित के आधार कार्ड की डिजिटल कॉपी तक पहुंच गए और फर्जी यूपीआई आईडी बनाकर उसे बैंक खातों से लिंक कर लिया।
25 मई को अमन, ऋतिक, सुमित और प्रिंस दिल्ली से उत्तराखंड घूमने गए और 1 जून को लौटे।
पीटीआई BM ARI

