दिल्ली मुख्यमंत्री: कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा होगी ताकि सहायता सही लाभार्थियों तक पहुंचे

**EDS: SCREENSHOT VIA PTI VIDEOS** Jind: Delhi Chief Minister Rekha Gupta speaks with the media as she visits her birthplace on her birthday, at Julana, in Jind district, Haryana, Saturday, July 19, 2025. (PTI Photo)(PTI07_19_2025_000152B)

नई दिल्ली, 21 जुलाई (पीटीआई) — दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को घोषणा की कि सभी मौजूदा कल्याणकारी योजनाओं की गहन समीक्षा की जाएगी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सहायता केवल उन लोगों तक पहुंचे जो वास्तव में इसके पात्र हैं। जो लोग अयोग्य पाए जाएंगे, उन्हें लाभार्थी सूची से हटाया जाएगा।

गुप्ता ने दिल्ली सचिवालय में एक उच्च-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में समाज कल्याण विभाग और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। यह बैठक आर्थिक और सामाजिक रूप से वंचित समुदायों के उत्थान के लिए जारी योजनाओं की समीक्षा पर केंद्रित रही।

गुप्ता ने कहा कि भाजपा सरकार गरीबों, बुजुर्गों और उन लोगों की मदद करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिन्हें सरकार से वित्तीय सहायता मिलती है।

उन्होंने घोषणा की कि सभी मौजूदा योजनाओं की समीक्षा की जाएगी ताकि केवल वास्तविक रूप से पात्र व्यक्तियों को सहायता मिल सके और जो लोग पात्र नहीं हैं, उन्हें योजनाओं से बाहर किया जा सके। उन्होंने यह भी बताया कि दिव्यांगजनों को डिजिटल पहचान पत्र देने की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार केवल आर्थिक सहायता ही नहीं बल्कि पुनर्वास, कौशल विकास, शिक्षा और अन्य आवश्यक कल्याणकारी सेवाएं भी प्रदान कर रही है।

उन्होंने समाज के कमजोर वर्गों का समर्थन करने वाली कई प्रमुख योजनाओं की समीक्षा की।

गुप्ता ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे “वरिष्ठ नागरिकों को वित्तीय सहायता” जैसी योजनाओं के क्रियान्वयन में सुधार के लिए सक्रिय कदम उठाएं और पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करें।

उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य एक मजबूत, समावेशी और संवेदनशील सहायता प्रणाली स्थापित करना है। हम सुनिश्चित करेंगे कि कोई भी पात्र व्यक्ति वंचित न रह जाए और सार्वजनिक धन का सदुपयोग हो।”

बैठक में विकलांगता प्रमाणन में देरी, भिक्षावृत्ति में शामिल लोगों का पुनर्वास और लाभार्थी डेटा के डिजिटलीकरण से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की गई।

गुप्ता ने संबंधित विभागों को इन समस्याओं के शीघ्र समाधान और बेहतर समन्वय व सेवा वितरण के लिए स्पष्ट कार्य योजना प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।

उन्होंने पूर्ववर्ती आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि दिल्ली की गरीब आबादी के प्रति उनकी “लगातार धोखाधड़ी” और “लापरवाही” रही है।

गुप्ता ने दावा किया कि इसके परिणामस्वरूप कई अयोग्य व्यक्तियों को उन योजनाओं का लाभ मिला जो वास्तव में जरूरतमंदों के लिए थीं।

उन्होंने विशेष रूप से विधवा पेंशन के वितरण में “गंभीर अनियमितताओं” की ओर इशारा किया।

गुप्ता ने कहा, “कई महिलाओं को, जो पात्र नहीं थीं, बिना जांच के पेंशन दे दी गई। हमारी सरकार ऐसी अनियमितताओं की अनुमति नहीं देगी। जो लोग वास्तव में पात्र हैं उन्हें हर हाल में वित्तीय सहायता दी जाएगी, लेकिन जो अयोग्य पाए जाएंगे उन्हें योजनाओं से बाहर किया जाएगा।”

वरिष्ठ नागरिकों के लिए वित्तीय सहायता योजना के तहत 60 वर्ष और उससे अधिक उम्र के व्यक्तियों, विशेषकर अनुसूचित जाति/जनजाति या आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों से संबंधित लोगों को हर महीने ₹2,000 से ₹2,500 तक की आर्थिक सहायता दी जाती है।

दिव्यांगजनों के लिए सहायता योजना के अंतर्गत गंभीर रूप से दिव्यांग और आत्मनिर्भर न होने वाले व्यक्तियों को ₹2,500 प्रति माह की सहायता दी जाती है।

दिल्ली पारिवारिक लाभ योजना (DFBS) के तहत उन परिवारों को ₹20,000 की एकमुश्त सहायता दी जाती है, जिन्होंने अपने परिवार के कमाऊ सदस्य को खो दिया हो।

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