दिल्ली में फर्जी लोन रिकवरी गैंग का भंडाफोड़; 4 गिरफ्तार

नई दिल्ली, 29 मार्च (पीटीआई) दिल्ली पुलिस ने पूर्वी दिल्ली में हाई-टेक तरीके से सड़क पर उगाही करने वाले फर्जी लोन रिकवरी एजेंटों के एक गिरोह का भंडाफोड़ कर चार लोगों को गिरफ्तार किया है, एक अधिकारी ने रविवार को बताया।

अधिकारी ने कहा कि आरोपी एक मोबाइल एप्लिकेशन का उपयोग कर लंबित ईएमआई वाले वाहनों की पहचान करते थे और व्यस्त सड़कों पर उनके मालिकों को बैंक रिकवरी एजेंट बनकर निशाना बनाते थे।

“यह मामला केशव कुमार नामक व्यक्ति की शिकायत के बाद सामने आया, जिन्होंने बताया कि 26 मार्च को विकास मार्ग स्थित आईटीओ के पास उन्हें रोका गया। एक सफेद कार में सवार लोगों ने उन्हें जबरन अपने साथ ले लिया, मारपीट की और धमकी देकर ऑनलाइन ट्रांसफर के जरिए 18,000 रुपये वसूल लिए,” अधिकारी ने कहा।

शिकायत के आधार पर 27 मार्च को शकरपुर थाने में एफआईआर दर्ज की गई और जांच शुरू की गई। एक पुलिस टीम गठित की गई, जिसने तकनीकी निगरानी और स्थानीय खुफिया जानकारी का सहारा लिया।

अधिकारी ने बताया कि एक मुखबिर से मिली सूचना में उत्तर प्रदेश के बागपत के संदिग्धों की संलिप्तता का पता चला।

मोबाइल डेटा के तकनीकी विश्लेषण और लोकेशन ट्रैकिंग से आरोपियों की घटना स्थल पर मौजूदगी की पुष्टि हुई और उनकी गतिविधियों का पता चला। इसके बाद कई स्थानों पर छापेमारी कर प्रिंस (22), आकाश उर्फ अक्‍कू (25), शिवम (23) और टीटू उर्फ टिट्टू (22) को गिरफ्तार किया गया।

“पूछताछ के दौरान आरोपियों ने इस मामले में अपनी संलिप्तता स्वीकार की और बताया कि वे मोबाइल ऐप के जरिए संभावित शिकार की पहचान कर फर्जी रिकवरी एजेंट बनकर काम कर रहे थे,” अधिकारी ने कहा।

पुलिस के अनुसार, गिरोह ऐसे वाहन मालिकों को निशाना बनाता था जिनकी लोन की किस्तें बकाया होती थीं। वे बिना नंबर प्लेट वाली कार से उन्हें रोकते और बैंक अधिकारी बनकर डराते-धमकाते थे।

वे पीड़ितों को धमकी देते, मारपीट करते और गलत तरीके से बंधक बनाकर क्यूआर कोड या अन्य ऑनलाइन भुगतान माध्यमों से पैसे ट्रांसफर करने के लिए मजबूर करते थे।

पैसे वसूलने के बाद आरोपियों द्वारा पीड़ितों को छोड़ दिया जाता था। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल किए गए पांच मोबाइल फोन और सफेद कार बरामद कर ली है। अन्य पीड़ितों की पहचान और गिरोह के एक सहयोगी की तलाश की जा रही है, जिसने कथित तौर पर वित्तीय लेनदेन में मदद की थी।