दिल्ली सरकार कांवड़ यात्रा के दौरान ‘शिव भक्तों’ के लिए सभी सुविधाओं का करेगी ध्यान: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता

नई दिल्ली, 17 जून (पीटीआई)

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को घोषणा की कि कांवड़ समितियों की समस्याओं का समाधान सिंगल विंडो सिस्टम के जरिए किया जाएगा और सरकार ‘शिव भक्तों’ के लिए सभी सुविधाओं का पूरा ध्यान रखेगी। कांवड़ यात्रा उत्तर भारत की सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक परंपराओं में से एक है, जिसमें लाखों श्रद्धालु हरिद्वार, गंगोत्री और अन्य पवित्र स्थलों से गंगाजल लाकर सावन माह में शिव मंदिरों में अर्पित करते हैं। हर साल हजारों कांवड़िए दिल्ली से होकर अन्य राज्यों की ओर जाते हैं।

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, दिल्ली के कैबिनेट मंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों को प्रमुख जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

इससे पहले दिन में, मुख्यमंत्री गुप्ता ने दिल्ली भर की विभिन्न कांवड़ शिविर समितियों के पदाधिकारियों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं और आवश्यक सुविधाओं की समीक्षा की।

उन्होंने कहा कि सरकार अपने मंत्रियों, जिला विकास समिति (डीडीसी) अध्यक्षों और जिलाधिकारियों (डीएम) के माध्यम से सभी व्यवस्थाओं की निगरानी करेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा, “यह हमारी जिम्मेदारी है कि शिव भक्तों के पैरों में एक कंकड़ भी न चुभे। कांवड़ यात्रा आस्था, भक्ति और अनुशासन का पर्व है और सरकार इसे सुचारू व सफल बनाने के लिए हर संभव कदम उठाएगी।”

कांवड़ शिविर प्रतिनिधियों द्वारा उठाई गई चिंताओं के जवाब में गुप्ता ने आश्वासन दिया कि इस बार उन्हें पिछली सरकार की तरह प्रशासनिक अड़चनों का सामना नहीं करना पड़ेगा।

उन्होंने कहा, “पहले करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद शिव भक्तों को कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। इस बार ऐसा नहीं होने देंगे।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार कांवड़ शिविरों के प्रबंधन की पूरी जिम्मेदारी लेती है और सिंगल विंडो सिस्टम के जरिए सभी समिति संबंधी समस्याओं का समाधान किया जाएगा, जिससे शिविरों की स्थापना और सेवाएं निर्बाध रूप से मिल सकें।

डीडीसी अध्यक्ष और डीएम समितियों को समस्याओं के समाधान में मदद करेंगे, जबकि मंत्री पूरे प्रक्रिया की निगरानी करेंगे और किसी भी परेशानी को प्राथमिकता के आधार पर दूर करेंगे।

उन्होंने आश्वासन दिया कि शिविरों में चिकित्सा सहायता, दवाइयां, बिजली कनेक्शन, पानी, स्वच्छता, शौचालय, अग्नि सुरक्षा, सुरक्षा और ट्रैफिक प्रबंधन जैसी सुविधाओं में कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा, “हम पूरी व्यवस्था को पारदर्शी