दिल्ली सरकार को पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन का नाम बदलने के लिए गृह मंत्रालय से संपर्क करना चाहिए: अधिकारी

नई दिल्ली, 2 जुलाई (पीटीआई) — रेलवे बोर्ड के अधिकारियों ने बुधवार को कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर ‘महाराजा अग्रसेन रेलवे स्टेशन’ करने के लिए औपचारिक प्रक्रिया का पालन करना चाहिए।

अधिकारियों के अनुसार, रेलवे स्टेशन का नाम बदलने की मंजूरी देने का अधिकार गृह मंत्रालय (MHA) के पास है, जो राज्य सरकार की सिफारिश पर निर्णय लेता है।

नाम बदलने के लिए राज्य के मुख्य सचिव को कैबिनेट की मंजूरी के बाद गृह मंत्रालय को प्रस्ताव भेजना होता है।

रेलवे बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “एक बार गृह मंत्रालय प्रस्ताव को मंजूरी दे देता है और रेलवे मंत्रालय को भी सूचित कर दिया जाता है, तो राज्य सरकार इस संबंध में राजपत्र (गजट) अधिसूचना जारी कर सकती है। इसके बाद जोनल रेलवे स्टेशन के नाम में बदलाव लागू करता है।”

उन्होंने आगे कहा, “यह हैरानी की बात है कि मुख्यमंत्री ने औपचारिक प्रक्रिया का पालन करने के बजाय सीधे रेल मंत्री को पत्र लिख दिया, जबकि उन्हें पता था कि इससे चर्चा तो जरूर होगी, लेकिन अपेक्षित परिणाम नहीं मिलेगा।”

मुख्यमंत्री गुप्ता ने अपने पत्र में लिखा था कि पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन का नाम ‘महाराजा अग्रसेन रेलवे स्टेशन’ रखने से इस ऐतिहासिक व्यक्तित्व के सामाजिक-आर्थिक योगदान को उचित सम्मान मिलेगा और यह दिल्लीवासियों की भावनाओं के अनुरूप होगा।

मंगलवार को एक कार्यक्रम के दौरान जब मुख्यमंत्री से उनके पत्र के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, “लोगों की तरफ से अनुरोध आया था। हमने दिल्ली की जनता की ओर से अनुरोध भेजा है। बाकी, निर्णय उन्हीं पर छोड़ते हैं।”

अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि नाम बदलने के लिए दिल्ली सरकार को पहले गृह मंत्रालय से औपचारिक प्रक्रिया के तहत संपर्क करना होगा।