दिल्ली: साकेत स्कूल की कथित फीस वृद्धि के खिलाफ आप का प्रदर्शन; भाजपा ने कहा—नए कानून से मामला सुलझा

**EDS: THIRD PARTY IMAGE** In this image posted on Feb. 8, 2026, AAP's Delhi unit chief Saurabh Bharadwaj light candles with others in tribute to a biker who died after falling fell into a 15-feet deep pit dug by the Delhi Jal Board, at Janakpuri area, in New Delhi. Kamal Dhyani, an employee of a private bank in Rohini's Sector 10, was returning home on the intervening night of Thursday and Friday when he fell into a pit dug by the DJB for a sewer pipeline restoration project. (@AAPDelhi/X via PTI Photo) (PTI02_08_2026_000635B)

नई दिल्ली, 16 फरवरी (पीटीआई) — Aam Aadmi Party (आप) ने सोमवार को साकेत के एक निजी स्कूल द्वारा कथित फीस वृद्धि के खिलाफ प्रदर्शन किया। वहीं, अभिभावकों ने आगामी Central Board of Secondary Education (सीबीएसई) बोर्ड परीक्षाओं में शामिल होने वाले छात्रों को रोल नंबर जारी करने में देरी पर चिंता जताई।

प्रदर्शन का नेतृत्व आप नेता Saurabh Bharadwaj ने किया। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली के निजी स्कूलों ने पिछले वर्ष 1 अप्रैल से 50 से 80 प्रतिशत तक फीस बढ़ा दी। उनका कहना था कि भाजपा सरकार ने बढ़ी हुई फीस की वापसी सुनिश्चित करने के लिए नया कानून लाने का वादा किया था, लेकिन अब तक किसी स्कूल ने कोई राशि वापस नहीं की है।

वहीं Bharatiya Janata Party (भाजपा) ने कहा कि Rekha Gupta सरकार ने हस्तक्षेप कर निजी स्कूलों की फीस वृद्धि के मुद्दे का समाधान कर दिया है। भाजपा का दावा है कि 2020 में सत्ता में रहते हुए आप ऐसा कानून लाने में विफल रही थी।

भारद्वाज ने कहा कि कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षाएं मंगलवार से शुरू हो रही हैं, लेकिन कुछ छात्रों को रोल नंबर लेने के लिए घंटों स्कूल के बाहर इंतजार करना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रभावित छात्रों में एक राष्ट्रीय स्तर का खिलाड़ी भी शामिल है।

उन्होंने यह भी दावा किया कि स्कूल अभिभावकों को धमकी दे रहे हैं कि यदि बढ़ी हुई फीस नहीं चुकाई गई तो उनके बच्चों को परीक्षा में बैठने नहीं दिया जाएगा।

प्रदर्शनकारियों ने “स्टॉप ब्लैकमेल” लिखी तख्तियां लेकर “बंद करो, बंद करो—शिक्षा से खिलवाड़ बंद करो” के नारे लगाए।

प्रदर्शन में शामिल कक्षा 10 के एक छात्र के अभिभावक अजीत अवस्थी ने कहा कि उनके बच्चे की गणित की परीक्षा मंगलवार को है, लेकिन अब तक एडमिट कार्ड नहीं मिला है।

उन्होंने कहा, “हम शिक्षा विभाग द्वारा स्वीकृत फीस देने को तैयार हैं, लेकिन स्कूल द्वारा मांगी गई बढ़ी हुई फीस नहीं देंगे। हम चाहते हैं कि परीक्षा से पहले हमारे बच्चे को एडमिट कार्ड मिल जाए।”

आरोपों के जवाब में भाजपा विधायक Harish Khurana ने प्रेस वार्ता में कहा कि दिल्ली में आप के सत्ता से बाहर होने के बाद उसके नेता जनादेश स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि 2025 से मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में शहर में “पारदर्शी और जवाबदेह” प्रशासन चल रहा है।

खुराना ने कहा कि निजी स्कूलों की फीस वृद्धि का मुद्दा 2020 से लंबित था, जब आप सत्ता में थी, लेकिन तब कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने कहा कि इसी तरह के मुद्दे पहले भी सामने आए थे और भाजपा सरकार के हस्तक्षेप से उनका समाधान किया गया।

उन्होंने बताया कि दिल्ली सरकार ने इस समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित करने के लिए कानून भी बनाया है। नए कानून के तहत स्कूल अनधिकृत फीस नहीं वसूल सकते और न ही अभिभावकों पर दबाव बना सकते हैं। साथ ही, किसी भी छात्र का रोल नंबर रोका नहीं जा सकता।

उन्होंने कहा कि इस कानून में स्कूल स्तर पर फीस नियमन समितियों और अपीलीय तंत्र का भी प्रावधान है।

Delhi School Education (Transparency in Fixation and Regulation of Fees) Act, 2025 के तहत निजी स्कूल 2025–26 शैक्षणिक वर्ष के लिए फीस नहीं बढ़ा सकते और फीस को 1 अप्रैल 2025 के स्तर पर स्थिर रखा गया है।

खुराना ने कहा कि शिक्षा मंत्री Ashish Sood ने निर्देश दिया है कि किसी भी छात्र का भविष्य प्रभावित नहीं होगा और सभी पात्र छात्रों को उनके रोल नंबर दिए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि इस कानून का उद्देश्य फीस वृद्धि को नियंत्रित करना, पारदर्शिता सुनिश्चित करना और अभिभावकों के अधिकारों की रक्षा करना है। सरकार जल्द ही सभी तथ्यों को सार्वजनिक करेगी। (पीटीआई)