नई दिल्ली, 2 जुलाई (पीटीआई) — दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) को निर्देश दिया कि वह वजन घटाने के इलाज के लिए बाजार में बिक रही दवाओं के संयोजन पर दायर याचिका पर विशेषज्ञों और संबंधित हितधारकों से सलाह-मशविरा कर फैसला ले।
मुख्य न्यायाधीश डी के उपाध्याय और न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला की पीठ ने याचिकाकर्ता को निर्देश दिया कि वह अपनी आपत्ति और संबंधित दस्तावेज डीसीजीआई को प्रस्तुत करें, जिसे तीन महीने के भीतर इस मामले पर निर्णय लेना होगा।
याचिका दायर करने वाले जितेंद्र चौकसे ने कहा था कि ऐसी दवाओं के उपयोग और बिक्री के लिए जारी किए गए लाइसेंस पर्याप्त डेटा के आधार पर नहीं थे।
कोर्ट ने हाल ही में लोकप्रिय टीवी अभिनेत्री शेफाली जरीवाला की मृत्यु का हवाला देते हुए कहा, “देखिए, दो-तीन दिन पहले क्या हुआ…” रिपोर्ट्स के मुताबिक, जरीवाला पिछले कई वर्षों से एंटी-एजिंग ट्रीटमेंट ले रही थीं।
याचिकाकर्ता का दावा है कि ये लाइसेंस बिना किसी विशिष्ट परीक्षण और अध्ययन के जारी किए गए हैं और दवाओं के गंभीर दुष्प्रभावों पर ध्यान नहीं दिया गया।
याचिका में कहा गया, “ये दवाएं मूल रूप से टाइप 2 डायबिटीज मेलिटस के इलाज के लिए विकसित और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वीकृत थीं, लेकिन हाल के वर्षों में इन्हें मोटापे और वजन प्रबंधन के लिए भी मंजूरी दी गई है, वह भी अक्सर त्वरित प्रक्रिया के तहत और अल्पकालिक प्रभाव के आधार पर।”
याचिका में कहा गया कि ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत डीसीजीआई ही ऐसी दवाओं के सुरक्षित उपयोग के लिए जिम्मेदार और सक्षम प्राधिकरण है।
याचिकाकर्ता ने कहा कि इस मुद्दे पर 18 अप्रैल को केंद्र और डीसीजीआई को अभ्यावेदन दिया गया था।
कोर्ट ने कहा कि याचिका में उठाए गए मुद्दों पर पहले डीसीजीआई को विचार करना चाहिए। कोर्ट ने याचिकाकर्ता को अतिरिक्त अभ्यावेदन के जरिए प्राधिकरण के समक्ष सभी संबंधित सामग्री और दस्तावेज प्रस्तुत करने की अनुमति दी।
कोर्ट ने निर्देश दिया कि यह अतिरिक्त अभ्यावेदन 15 दिनों के भीतर डीसीजीआई को सौंपा जाए।
आदेश में कहा गया, “अगर ऐसा अतिरिक्त अभ्यावेदन सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ प्रस्तुत किया जाता है, तो संबंधित प्राधिकरण उस पर कानून के अनुसार उचित विचार करेगा।”
कोर्ट ने यह भी कहा, “डीसीजीआई को विशेषज्ञों के साथ-साथ संबंधित दवा निर्माताओं जैसे अन्य हितधारकों से भी सलाह लेनी होगी।”

