दुनियाभर की मानवीय त्रासदियों को लेकर अपने “दर्द” पर बोले गार्डियोला

Guardiola concedes overhaul ””was too much”” as Leverkusen stuns Man City in Champions League

मैनचेस्टर, 4 फरवरी (एपी) — मैनचेस्टर सिटी के मैनेजर पेप गार्डियोला ने मंगलवार को फुटबॉल से जुड़ी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को दुनियाभर में हो रही मानवीय त्रासदियों को देखकर महसूस हो रहे अपने “दर्द” पर एक भावुक संबोधन में बदल दिया।

गार्डियोला रविवार को टोटेनहम के खिलाफ सिटी के प्रीमियर लीग मैच से पहले होने वाली नियमित प्री-मैच मीडिया गतिविधियों के लिए समय पर इंग्लैंड नहीं लौट पाए थे। वह अपने गृह नगर बार्सिलोना में एक चैरिटी कार्यक्रम में फ़िलिस्तीनी बच्चों के समर्थन में भाषण देने गए थे।

मंगलवार को वह दोबारा पत्रकारों के सामने आए और फुटबॉल से इतर मुद्दों पर फिर खुलकर बोले, जबकि यह प्रेस कॉन्फ्रेंस औपचारिक रूप से बुधवार को न्यूकैसल के खिलाफ होने वाले इंग्लिश लीग कप मुकाबले के लिए थी।

उन्होंने कहा, “मानव इतिहास में कभी ऐसा नहीं हुआ कि हमारे सामने इतनी स्पष्ट जानकारी हो, जितनी आज है। हम अपनी आंखों से देख रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा कि वह “फ़िलिस्तीन में हो रहे नरसंहार, यूक्रेन में जो हुआ, रूस में जो हुआ, और दुनिया के अन्य हिस्सों — सूडान समेत हर जगह — जो कुछ हो रहा है,” उसकी बात कर रहे हैं।

गार्डियोला ने कहा, “क्या कोई ऐसा है जो दुनिया भर में हो रहे युद्धों और घटनाओं की तस्वीरें देखकर प्रभावित न हो? यहां यह सही या गलत की राजनीति का सवाल नहीं है — कोई नेता वामपंथी हो सकता है, दक्षिणपंथी हो सकता है — लेकिन क्या कोई ऐसा है जिस पर रोज़-रोज़ जो हो रहा है उसका असर न पड़े? आज हम सब कुछ देख सकते हैं। पहले नहीं देख पाते थे। आज देखते हैं। और यह मुझे दुख पहुंचाता है।”

उन्होंने आगे कहा, “अगर यह उलटी तरफ होता, तब भी मुझे दुख होता। किसी दूसरे देश के लिए नुकसान चाहना? यह मुझे दुख देता है। हजारों-हजारों निर्दोष लोगों की पूरी तरह हत्या कर देना — यह मुझे तकलीफ देता है। बात इतनी ही सरल है, इससे ज्यादा कुछ नहीं।”

55 वर्षीय गार्डियोला ने कहा, “मेरे कई देशों में बहुत सारे दोस्त हैं। जब आपके पास कोई विचार हो और उसे बचाने के नाम पर आपको हजारों लोगों को मारना पड़े, तो मुझे माफ कीजिए, मैं उसके खिलाफ खड़ा रहूंगा। मैं हमेशा ऐसा करूंगा।”

उन्होंने कहा कि “इंसान और इंसानी जीवन की रक्षा ही हमारे पास सबसे अहम चीज़ है” और स्पष्ट किया कि उनका रुख राजनीति या किसी एक पक्ष को चुनने के बारे में नहीं है।

गार्डियोला ने कहा, “जो लोग मजबूरी में अपने देश छोड़ते हैं, समुद्र में उतरते हैं और किसी नाव पर चढ़कर बचाए जाने की उम्मीद करते हैं — उनसे यह मत पूछिए कि वह सही हैं या गलत। पहले उन्हें बचाइए। यह एक इंसान की बात है।”

उन्होंने आगे कहा, “बाद में हम सहमत हो सकते हैं या आलोचना कर सकते हैं, लेकिन जब लोग मर रहे हों, तो मदद करना ज़रूरी है।”

गार्डियोला ने कहा कि वह खेल जगत की एक प्रमुख शख्सियत के तौर पर हमेशा अपनी आवाज़ का इस्तेमाल करेंगे ताकि “बोलकर मदद कर सकें और समाज को बेहतर बना सकें।”

उन्होंने कहा, “मैं कोशिश करूंगा, मैं वहां रहूंगा। हमेशा। मेरे नजरिए से न्याय के लिए बोलना ज़रूरी है। अगर आप नहीं बोलेंगे, तो सब कुछ बस आगे बढ़ जाएगा।”

गार्डियोला ने अमेरिका में संघीय कानून प्रवर्तन अधिकारियों द्वारा दो अमेरिकी नागरिकों की गोली मारकर हत्या किए जाने की घटनाओं का भी ज़िक्र किया, जिनसे अवैध प्रवासियों पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सख्ती के खिलाफ व्यापक विरोध शुरू हो गया है।

उन्होंने कहा, “अमेरिका में जो हुआ, उसे देखिए — रेनी गुड और एलेक्स प्रेट्टी की हत्या कर दी गई।” गार्डियोला ने सवाल उठाया कि अगर ऐसी ही परिस्थितियों में ब्रिटेन में किसी नर्स को गोली मार दी जाती, तो क्या होता?

उन्होंने कहा, “कल्पना कीजिए कि एनएचएस (नेशनल हेल्थ सर्विस) का कोई कर्मचारी — उसके आसपास पांच-छह लोग हों, वह ज़मीन पर खड़ा हो — और उसे गोली मार दी जाए।”

उन्होंने सवाल किया, “बताइए, आप इसे कैसे सही ठहरा सकते हैं?”

(एपी) एएम एएम एएम

श्रेणी: ब्रेकिंग न्यूज

SEO टैग्स: #स्वदेशी, #समाचार, #पेप_गार्डियोला, #मानवीय_त्रासदी