
नई दिल्ली, 28 जुलाई (पीटीआई) – समाजवादी पार्टी के सांसद रामाशंकर राजभर ने सोमवार को लोकसभा में कहा कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद देश को “ऑपरेशन सिंदूर” नहीं, बल्कि “ऑपरेशन तंदूर” चाहिए था, ताकि आतंकियों को तंदूर में भून दिया जा सके।
पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर पर लोकसभा में विशेष बहस के दौरान बोलते हुए उन्होंने सरकार पर निर्णायक कार्रवाई न करने का आरोप लगाया और ऑपरेशन में हुई “देरी” पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ऐसा मिशन जो तीन दिन में शुरू होना चाहिए था, वह 17 दिन बाद किया गया।
उन्होंने कहा, “देश पहलगाम हमले से इतना गुस्से में था कि तीसरे दिन तक लोग ऑपरेशन सिंदूर नहीं, ऑपरेशन तंदूर चाहते थे — यानी आतंकियों को तंदूर में झोंक देना। लेकिन इसके बजाय ऑपरेशन 17 दिन बाद हुआ।”
राजभर ने पूछा, “जो लोग पहलगाम हमला करके भागे थे, क्या वे उन 100 आतंकियों में शामिल थे जिन्हें मारा गया? असली सवाल तो यही है।”
उन्होंने यह भी कहा कि आतंकियों का मकसद भारत में दंगे भड़काना था, लेकिन हिंदू-मुसलमानों की एकता ने दुश्मनों की साजिश को नाकाम कर दिया।
राजभर ने पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयानों का ज़िक्र करते हुए कहा कि ट्रंप ने कई बार दावा किया था कि भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्षविराम अमेरिका की मध्यस्थता से हुआ।
उन्होंने कहा, “ट्रंप ने कम से कम 26 बार कहा कि उन्होंने भारत-पाकिस्तान के बीच सीज़फायर करवाया, और इसके लिए हथियारों के सौदों को भी श्रेय दिया। ये गंभीर दावे हैं।”
राजभर ने कहा, “अगर ट्रंप सच बोल रहे थे, तो हमारी स्थिति क्या है?”
“असल ‘विश्वगुरु’ तो व्हाइट हाउस में बैठा था।”
पीटीआई
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