देहरादून, 29 मार्च (एजेंसी) पुलिस ने कहा कि उज्बेकिस्तान की दो महिलाओं और किर्गिस्तान की एक अन्य महिला को नकली भारतीय दस्तावेजों के साथ यहां रहने के आरोप में रविवार को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने कहा कि महिलाओं को रायपुर क्षेत्र से ‘ऑपरेशन क्रैकडाउन’ के तहत गिरफ्तार किया गया था, जो राज्य में बाहरी लोगों और संदिग्ध लोगों की तलाश के लिए चलाया जा रहा था।
पुलिस के अनुसार किर्गिस्तान की एरिका (29), उज्बेकिस्तान की करीना (30) और निगोरा नीम (32) साई कॉम्प्लेक्स के एक फ्लैट में रह रही थीं और उनके पास फर्जी भारतीय दस्तावेज थे।
पूछताछ के दौरान एरिका ने खुलासा किया कि वह 2023 में एक साल के वीजा पर भारत आई थी, लेकिन उसकी अवधि समाप्त होने के बाद वह अपने देश नहीं लौटी। करीना और निगोरा ने यह भी खुलासा किया कि उन्होंने 2022 और 2023 में नेपाल सीमा पार करके अवैध रूप से भारत में प्रवेश किया था।
वे सभी दिल्ली में मिले और एक परिचित के माध्यम से अपने नकली भारतीय दस्तावेज प्राप्त किए।
तलाशी के दौरान उनके पास से एक पासपोर्ट, तीन आधार कार्ड, दो पैन कार्ड, किर्गिस्तान का एक पहचान पत्र, एक आधार कार्ड की फोटोकॉपी, दो बैंक पासबुक, सात मोबाइल फोन और पांच विदेशी मुद्रा के नोट भी बरामद किए गए।
निगोरा को पहले बिहार पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया था और नकली दस्तावेजों के आधार पर भारत में अवैध रूप से रहने के लिए जेल भेज दिया गया था, लेकिन जमानत पर बाहर आने के बाद भी, उसने अपने मूल देश लौटने के बजाय अपना प्रवास जारी रखा।
पुलिस ने बताया कि पिछले छह-सात महीनों से तीनों देहरादून में अलग-अलग स्थानों पर रह रहे थे।
उनके खिलाफ रायपुर पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता और आप्रवासन और विदेशी अधिनियम, 2025 की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस ने कहा कि उन्हें उन लोगों के बारे में भी जानकारी मिली है जिन्होंने नकली भारतीय दस्तावेज बनाने में उनकी मदद की और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पीटीआई डीपीटी हाई हाई
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