कोलकाता, 18 दिसंबर (पीटीआई) दो बार के ओलंपिक रजत पदक विजेता अमेरिकी धावक केनी बेडनारेक ने भारतीय एथलेटिक्स में हो रही तेज प्रगति पर उत्साह जताते हुए कहा कि वह युवा भारतीय खिलाड़ियों के साथ अपना अनुभव साझा करने और उन्हें मार्गदर्शन देने के लिए तैयार हैं, ताकि देश में इस खेल के विकास में मदद मिल सके।
नीरज चोपड़ा के ओलंपिक स्वर्ण पदक के बाद भारतीय एथलेटिक्स में उल्लेखनीय उछाल देखा गया है। भाला फेंक में सचिन यादव, किशोर जेना और अनु रानी जैसे उभरते खिलाड़ी, वहीं स्टीपलचेज धावक अविनाश साबले, बाधा दौड़ में ज्योति याराजी और लंबी कूद में मुरली श्रीशंकर ने भी अपनी पहचान बनाई है।
रविवार को होने वाली टाटा स्टील वर्ल्ड 25K कोलकाता के अंतरराष्ट्रीय इवेंट एंबेसडर 27 वर्षीय बेडनारेक ने कहा, “भारत में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। सही कोचिंग, प्रशिक्षण ढांचे और रिकवरी सिस्टम के साथ यहां के एथलीट वैश्विक मंच पर बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं।”
भारतीय खेलों के साथ दीर्घकालिक जुड़ाव पर अपने विचार साझा करते हुए उन्होंने कहा, “मैं सार्थक तरीकों से योगदान देने के लिए हमेशा तैयार हूं — चाहे वह संवाद हो, मेंटरशिप हो या अपने अनुभव साझा करना। खेल में जीवन बदलने की ताकत होती है और अगर मेरी मौजूदगी भारत में इस यात्रा को समर्थन देती है, तो मुझे इसका हिस्सा बनने पर गर्व होगा।”
दुनिया के शीर्ष स्प्रिंटर्स में शामिल बेडनारेक टोक्यो 2020 और पेरिस 2024 ओलंपिक में पुरुषों की 200 मीटर दौड़ में रजत पदक जीत चुके हैं और विश्व चैंपियनशिप के भी रजत पदक विजेता हैं। वह डायमंड लीग में लगातार शानदार प्रदर्शन करने वाले एथलीट हैं और उनका व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय 19.49 सेकंड है।
उन्होंने कहा, “भारत में खेलों के प्रति जुनून साफ नजर आता है। चाहे एथलेटिक्स हो, फुटबॉल, क्रिकेट या लंबी दूरी की दौड़ — यहां प्रतिस्पर्धा और समुदाय के प्रति सच्चा प्रेम है। ऐसे आयोजन दिखाते हैं कि खेल किस तरह उम्र, पृष्ठभूमि और क्षमता की सीमाओं से परे लोगों को एकजुट कर सकता है।”
टाटा स्टील वर्ल्ड 25K कोलकाता के बारे में बेडनारेक ने कहा, “यह सिर्फ एक रेस नहीं, बल्कि एक उत्सव है। हजारों धावकों को — एलीट एथलीटों से लेकर शौकिया और पहली बार दौड़ने वालों तक — एक ही सड़क पर देखना प्रेरणादायक है। मैं रविवार को रेस के दिन का अनुभव करने और धावकों का उत्साह बढ़ाने के लिए बेहद उत्सुक हूं।”
एलीट स्तर पर मानसिक मजबूती के महत्व को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा, “आप शारीरिक रूप से पूरी तरह तैयार और बेहद प्रतिभाशाली हो सकते हैं, लेकिन अगर रेस के दिन मानसिक रूप से मजबूत नहीं हैं, तो उसका कोई मतलब नहीं रहता। स्प्रिंटिंग लगभग 90 प्रतिशत मानसिक खेल है। अनुशासन, जिम्मेदारी, आत्मविश्वास और रिकवरी लगातार शीर्ष स्तर पर प्रदर्शन के लिए अहम हैं।”
बेडनारेक ने अपने सफर और टोक्यो व पेरिस ओलंपिक में लगातार पोडियम पर पहुंचने के अनुभव पर भी बात की। उन्होंने कहा, “मैं हर साल खुद को बेहतर बनाने की कोशिश करता हूं। जीत के बाद भी मैं और मेरी टीम यह सोचते हैं कि और क्या सुधारा जा सकता है। परफेक्शन जैसी कोई चीज नहीं होती, केवल प्रगति होती है।”
श्रेणी: ब्रेकिंग न्यूज़
एसईओ टैग: #swadesi, #News, दो बार के ओलंपिक रजत पदक विजेता बेडनारेक भारतीय एथलीटों से जुड़ने और अनुभव साझा करने को उत्सुक

