रायपुर, 10 मार्च (पीटीआई) छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने मंगलवार को कहा कि राज्य के बस्तर क्षेत्र में तैनात अधिकांश अर्धसैनिक बलों को 31 मार्च 2027 तक वापस बुलाए जाने की संभावना है।
विधानसभा में अपने विभागों की बजट मांग प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि सशस्त्र नक्सलवाद को समाप्त करने के लिए 31 मार्च 2026 की समयसीमा तय की गई है।
चर्चा के बाद विधानसभा ने शर्मा के पास मौजूद पंचायत एवं ग्रामीण विकास, गृह, जेल और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभागों की मांग प्रस्तावों को पारित कर दिया।
उन्होंने कहा, “सशस्त्र नक्सलवाद के अंत के लिए 31 मार्च 2026 की तिथि तय की गई है और यह भी निर्णय लिया गया है कि 31 मार्च 2027 तक बलों की वापसी शुरू हो जाएगी। कुछ बल इससे पहले भी वापस जा सकते हैं।”
उन्होंने बताया कि केंद्रीय बलों की वापसी के लिए 31 मार्च 2027 को समयसीमा तय करने पर चर्चा हुई है, हालांकि इसमें थोड़ा बदलाव संभव है।
उन्होंने कहा, “इसके बाद सभी केंद्रीय बल भी वापस चले जाएंगे।”
शर्मा ने सदन को बताया कि मुख्य बजट में पुलिस विभाग को राजस्व व्यय मद के तहत 7,130.48 करोड़ रुपये और पूंजीगत व्यय मद के तहत 590.53 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जो कुल मिलाकर 7,721.01 करोड़ रुपये होते हैं।
उन्होंने कहा कि आत्मसमर्पण करने वाले वामपंथी उग्रवादी कैडरों के पुनर्वास को सुविधाजनक बनाने के लिए केंद्र की पुनर्वास नीति के तहत सावधि जमा और व्यावसायिक प्रशिक्षण के लिए 38 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक और साइबर अपराधों की जांच और रोकथाम को मजबूत करने के लिए नवा रायपुर स्थित पुलिस मुख्यालय में एक आधुनिक आईटी केंद्र स्थापित करने के लिए राज्य सरकार ने छह नए पदों का प्रस्ताव दिया है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने विशेष पुलिस बलों के तहत भी नए पदों को मंजूरी दी है, जिनमें एंटी-टेररिस्ट स्क्वाड, राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल, विशेष अभियान समूह, एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स और बम निरोधक इकाइयां शामिल हैं।
शर्मा ने कहा कि रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर और अंबिकापुर की चार केंद्रीय जेलों को आईएसओ 9001:2015 प्रमाणन मिला है, जो गुणवत्ता सुधार पर सरकार के फोकस को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि राज्य की 16 जेलों में “प्रिजन कॉलिंग सिस्टम” स्थापित करने के लिए बजट में 1.05 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे कैदी अपने परिवार के सदस्यों और वकीलों से वॉयस या वीडियो कॉल के माध्यम से बात कर सकेंगे।
इससे पहले चर्चा में भाग लेते हुए पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने कहा कि सभी चाहते हैं कि नक्सलवाद समाप्त हो और क्षेत्र में शांति स्थापित हो।
उन्होंने कहा कि सरकार बार-बार कह रही है कि 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद समाप्त हो जाएगा।
बघेल ने कहा, “31 मार्च आने में केवल 21 दिन बचे हैं। हमें उम्मीद है कि उसके बाद अर्धसैनिक बलों की वापसी शुरू हो जाएगी।”
बघेल ने यह भी कहा कि राज्य में नक्सलवाद समाप्त होने के अवसर पर 31 मार्च को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया जाना चाहिए।
हालांकि उन्होंने कहा कि नक्सलवाद समाप्त होने के बाद बस्तर का लाभ मुख्य रूप से स्थानीय लोगों को मिलना चाहिए।
चर्चा के बाद बघेल ने कटौती प्रस्ताव पर मत विभाजन की मांग की।
मतदान के बाद प्रस्ताव खारिज कर दिया गया, जिसमें इसके खिलाफ 37 वोट और पक्ष में 24 वोट पड़े।
बाद में विधानसभा ने शर्मा के विभागों से संबंधित बजट मांग प्रस्तावों को पारित कर दिया। पीटीआई टीकेपी एनपी
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