न्यायपालिका में भ्रष्टाचार पर एनसीईआरटी की कक्षा 8 की किताब के अध्याय का सुप्रीम कोर्ट ने लिया स्वतः संज्ञान

New Delhi: Media representatives outside the Supreme Court, in New Delhi, Wednesday, Feb. 4, 2026. The Supreme Court will hear a plea filed by West Bengal Chief Minister Mamata Banerjee challenging the ongoing Special Intensive Revision (SIR) of electoral rolls in the state. (PTI Photo/Kamal Kishore) (PTI02_04_2026_000123B)

नई दिल्ली, 25 फरवरी (पीटीआई) Supreme Court of India ने बुधवार को कक्षा 8 की एनसीईआरटी की पाठ्यपुस्तक में न्यायपालिका में भ्रष्टाचार से संबंधित सामग्री पर स्वतः संज्ञान लेते हुए इसे “गंभीर चिंता” का विषय बताया।

मुख्य न्यायाधीश Surya Kant, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम. पंचोली की पीठ के समक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता Kapil Sibal ने कहा, “कक्षा 8 के बच्चों को न्यायपालिका में भ्रष्टाचार के बारे में पढ़ाया जा रहा है। यह गंभीर चिंता का विषय है।”

इस पर सीजेआई ने कहा, “मैं किसी को भी संस्था को बदनाम करने की अनुमति नहीं दूंगा। कानून अपना काम करेगा।” उन्होंने आगे कहा, “संस्था के प्रमुख के रूप में मैंने अपना कर्तव्य निभाया है और संज्ञान लिया है… यह एक सुनियोजित कदम प्रतीत होता है। मैं अधिक कुछ नहीं कहूंगा।”

न्यायमूर्ति बागची ने कहा कि यह पुस्तक संविधान की मूल संरचना के विरुद्ध प्रतीत होती है।