नई दिल्ली, 31 जनवरी(पीटीआई) गुजरात के कच्छ और उत्तर प्रदेश के एटा में वेटलैंड्स को रामसर साइट्स के तौर पर मान्यता दी गई है, जो एक ग्लोबल फ्रेमवर्क के तहत संरक्षण के लिए इन अनोखे इकोसिस्टम को चिह्नित करता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एटा में पटना पक्षी अभयारण्य और कच्छ में छारी-ढंड को रामसर साइट्स का दर्जा मिलने पर स्थानीय लोगों और वेटलैंड संरक्षण के प्रति उत्साही लोगों को बधाई दी।
मोदी ने X पर एक पोस्ट में कहा, “खुशी है कि एटा (उत्तर प्रदेश) में पटना पक्षी अभयारण्य और कच्छ (गुजरात) में छारी-ढंड रामसर साइट्स बन गए हैं। वहां के स्थानीय लोगों के साथ-साथ वेटलैंड संरक्षण के प्रति उत्साही सभी लोगों को बधाई।”
रामसर कन्वेंशन के तहत इन दो साइट्स को दर्जा मिलने से भारत में ऐसे वेटलैंड्स की कुल संख्या 98 हो गई है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह मान्यताएं जैव विविधता को संरक्षित करने और महत्वपूर्ण इकोसिस्टम की रक्षा करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता की पुष्टि करती हैं।
मोदी ने कहा, “ये वेटलैंड्स अनगिनत प्रवासी और स्थानीय प्रजातियों के लिए सुरक्षित आवास के रूप में फलते-फूलते रहें।”
पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने इन दो नए वेटलैंड्स को शामिल करने पर उत्तर प्रदेश और गुजरात, और वेटलैंड समुदाय को बधाई दी।
यादव ने कहा कि सैकड़ों प्रवासी और स्थानीय पक्षी प्रजातियां इन दो वेटलैंड्स में अपना घर पाती हैं, इसके अलावा ये चिंकारा, भेड़ियों, कैरकल, रेगिस्तानी बिल्लियों और रेगिस्तानी लोमड़ियों के साथ-साथ लुप्तप्राय पक्षियों का भी आवास हैं।
मंत्री ने कहा, “पीएम श्री नरेंद्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में, भारतीय रामसर नेटवर्क में 276 प्रतिशत से अधिक का विस्तार हुआ है – 2014 में 26 से बढ़कर अब 98 हो गया है।”पीटीआई एसकेयू आरएचएल
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