पतंग उड़ाने के मौसम में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी सरकार से चीनी ‘मांझा’ पर रोक सख्ती से लागू करने को कहा

Allahabad High Court

प्रयागराज, 16 जनवरी (पीटीआई) — इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दोहराया है कि उत्तर प्रदेश सरकार को मौजूदा पतंग उड़ाने के मौसम के दौरान चीनी ‘मांझा’ के निर्माण, उपयोग और बिक्री पर पूरी तरह रोक सुनिश्चित करनी होगी।

मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली और न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेंद्र की पीठ ने कहा कि इस मामले में अदालत द्वारा पहले जारी किए गए निर्देशों का पालन करना सरकार की जिम्मेदारी है।

अदालत ने कहा कि चीनी ‘मांझा’ इंसानों और पक्षियों की जान के लिए खतरा है। मकर संक्रांति के आसपास उत्तर प्रदेश सहित देश के कई हिस्सों में पतंगबाजी अपने चरम पर होती है।

यह टिप्पणी हिमांशु श्रीवास्तव और दो अन्य द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान की गई, जिसमें चीनी ‘मांझा’ के इस्तेमाल पर पूर्ण प्रतिबंध की मांग की गई थी।

याचिका में कहा गया कि इस विषय पर पहले दायर एक जनहित याचिका की सुनवाई के बाद अदालत ने 19 नवंबर 2015 को आदेश पारित कर राज्य सरकार को चीनी ‘मांझा’ के निर्माण, उपयोग और बिक्री पर रोक लगाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए थे। याचिका में यह भी कहा गया कि हाईकोर्ट ने ऐसे ही अन्य मामलों में भी समान निर्देश जारी किए हैं।

इसके बाद हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से अपने निर्देशों को सख्ती से लागू करने को कहा और जनहित याचिका का निस्तारण कर दिया। पीटीआई

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