भुवनेश्वर, 19 जनवरी (PTI) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, ओडिशा के राज्यपाल हरि बाबू कंभमपति, मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी और अन्य प्रमुख हस्तियों ने सोमवार को स्वतंत्रता सेनानी और समाज सुधारक परबती गिरी की जन्म शताब्दी पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और ओडिशा विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष नवीन पटनायक ने भी इस अवसर पर गिरी को नमन किया।
परबती गिरी का जन्म 19 जनवरी 1926 को बरगढ़ जिले के समलाईपदर गांव में हुआ था। महात्मा गांधी से प्रभावित होकर उन्होंने 16 वर्ष की आयु में भारत छोड़ो आंदोलन में भाग लिया और इसके चलते उन्हें दो वर्ष तक कारावास भुगतना पड़ा।
एक्स पर पोस्ट करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “परबती गिरी जी की जन्म शताब्दी पर उन्हें श्रद्धांजलि। औपनिवेशिक शासन के अंत के आंदोलन में उन्होंने सराहनीय भूमिका निभाई। सामुदायिक सेवा के प्रति उनका समर्पण और स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण तथा संस्कृति जैसे क्षेत्रों में उनका कार्य उल्लेखनीय है। मैंने पिछले महीने #MannKiBaat में भी इसका उल्लेख किया था।”
राज्यपाल कंभमपति ने अपने संदेश में कहा कि समाज के गरीब और असहाय वर्गों के कल्याण तथा महिला सशक्तिकरण में गिरी का योगदान सदैव प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।
मुख्यमंत्री माझी ने गिरी को ‘ओडिशा की अग्नि-पुत्री’ बताते हुए उन्हें सेवा और त्याग का अनूठा प्रतीक कहा।
उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, “मैं स्वतंत्रता सेनानी परबती गिरी को नमन करता हूं। स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर सामाजिक सेवा और महिला सशक्तिकरण तक, उनका योगदान सदैव अविस्मरणीय रहेगा। जनसेवा के प्रति उनकी निष्ठा और आदर्श हमेशा हमें प्रेरित करते रहेंगे।”
नवीन पटनायक ने कहा कि देश की आजादी के लिए परबती गिरी का संघर्ष और बलिदान अतुलनीय था। उन्होंने आदिवासियों के कल्याण के लिए जो सामाजिक सेवा की, वह सदैव प्रेरणा देती रहेगी।
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि परबती गिरी ओडिशा के गौरव, सेवा और त्याग की साकार प्रतिमूर्ति थीं। महिला सशक्तिकरण और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में उनके आदर्श सदैव अमर रहेंगे।
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