पश्चिम बंगाल में चुनाव बाद हिंसा से जुड़े मामलों में सीबीआई जांच के बाद पहली सजा, बच्ची से दुष्कर्म के दोषी को उम्रकैद

नई दिल्ली, 4 जुलाई (पीटीआई) — पश्चिम बंगाल के मालदा जिले की एक विशेष अदालत ने शुक्रवार को एक सेवानिवृत्त शिक्षक को नौ वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई। यह 2021 के चुनाव बाद हिंसा से जुड़े मामलों में सीबीआई जांच के बाद पहली सजा है।

कलकत्ता हाईकोर्ट ने 19 अगस्त 2021 को राज्य में चुनाव परिणामों के बाद हुई हिंसा के दौरान हत्या और महिलाओं के खिलाफ अपराध—विशेषकर बलात्कार या बलात्कार के प्रयास—के 61 मामलों की जांच सीबीआई को सौंपी थी।

मालदा जिले के इस मामले में, सेवानिवृत्त सरकारी स्कूल शिक्षक रफीकुल इस्लाम ने 4 जून 2021 की शाम को आम के बागान में खेल रही नौ साल की बच्ची को पैसे का लालच देकर उसके साथ दुष्कर्म किया था। इस घटना की चश्मदीद गवाह पीड़िता की 10 वर्षीय चचेरी बहन थी, जिसने अदालत में बयान दिया।

सीबीआई ने आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी और विशेष लोक अभियोजक अमिताभ मैत्र ने पीड़िता और उसकी सहेली की गवाही के आधार पर मामला पेश किया। शुक्रवार को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (द्वितीय POCSO कोर्ट), मालदा ने रफीकुल इस्लाम को POCSO एक्ट और आईपीसी की धारा 376AB के तहत दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही, अदालत ने दोषी पर 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया और राज्य सरकार को पीड़िता को 3 लाख रुपये मुआवजा देने का निर्देश दिया।

सीबीआई प्रवक्ता ने कहा, “यह चुनाव बाद हिंसा से जुड़े मामलों में पहली सजा है, जिसमें मुकदमे का फैसला हुआ है और दोषसिद्धि हुई है।”

सीबीआई ने इन मामलों की जांच के लिए देशभर से अधिकारियों की विशेष टीमें बनाई थीं और तेज सुनवाई के लिए विशेष वकील भी नियुक्त किए थे।