
निकोसिया, 15 जून (पीटीआई): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को साइप्रस को भारत का “विश्वसनीय साझेदार” बताया और द्विपक्षीय सहयोग को मज़बूत करने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया, जिसे उन्होंने “विकास की अपार संभावनाओं वाला” बताया। यह बयान उन्होंने अपने तीन देशों की यात्रा के पहले चरण में साइप्रस पहुंचने के बाद एक व्यापारिक राउंडटेबल को संबोधित करते हुए दिया, जिसमें साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडुलाइड्स भी उपस्थित थे।
व्यापारिक संबंधों में नई ऊर्जा
प्रधानमंत्री मोदी ने व्यापारिक नेताओं को संबोधित करते हुए भारत-साइप्रस संबंधों में “विकास की अपार संभावनाएं” होने की बात कही।
“साइप्रस लंबे समय से भारत का विश्वसनीय साझेदार रहा है,” उन्होंने कहा।
X (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में उन्होंने लिखा, “व्यापारिक जुड़ाव को बढ़ावा! राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडुलाइड्स और मैंने प्रमुख CEO के साथ बातचीत की ताकि भारत और साइप्रस के बीच वाणिज्यिक संबंधों को मज़बूती दी जा सके।”
व्यापारिक सहयोग के लिए अनुकूल अवसर
मोदी ने कहा कि नवाचार, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने भारत में बीते दशक में हुए सुधारों की भी चर्चा की।
“23 वर्षों बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री का साइप्रस आना और पहला कार्यक्रम व्यापारिक राउंडटेबल होना यह दर्शाता है कि आर्थिक साझेदार हमारे संबंधों में कितने महत्वपूर्ण हैं।”
उन्होंने यह भी कहा कि कई भारतीय कंपनियाँ साइप्रस को “यूरोप का प्रवेशद्वार” मानती हैं।
UPI और NSE गिफ्ट सिटी को लेकर MoU
प्रधानमंत्री की यात्रा के दौरान नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) और यूरोबैंक साइप्रस के बीच एक MoU पर हस्ताक्षर हुए, जिसके तहत यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) सेवा को साइप्रस में क्रॉस-बॉर्डर ट्रांजैक्शन के लिए पेश किया जाएगा।
मोदी ने बताया कि आज विश्व में जितने भी डिजिटल लेन-देन होते हैं, उनमें 50% भारत में होते हैं।
इसके अतिरिक्त, NSE इंटरनेशनल एक्सचेंज गिफ्ट सिटी और साइप्रस स्टॉक एक्सचेंज के बीच एक अन्य MoU पर हस्ताक्षर हुए, जिससे भारत के गिफ्ट सिटी, साइप्रस और यूरोप में निवेशकों को लाभ होगा। यह यूरोप और गिफ्ट सिटी इंडिया के बीच अपनी तरह की पहली साझेदारी है।
प्रमुख क्षेत्रों में साझेदारी पर बल
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जैसवाल ने बताया कि सम्मेलन में साइप्रस और भारत की प्रमुख कंपनियों के शीर्ष व्यापारिक नेताओं ने भाग लिया। नेताओं ने व्यापार, निवेश, वित्तीय सेवाएं, फिनटेक, स्टार्टअप, नवाचार, एआई, आईटी, लॉजिस्टिक्स, रक्षा, कनेक्टिविटी, शिपिंग और मोबिलिटी जैसे क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ाने का आह्वान किया।
पर्यटन और सांस्कृतिक सहयोग
मोदी ने साइप्रस को “प्रसिद्ध पर्यटन स्थल” बताते हुए कहा कि भारत भी गंतव्य विकास और प्रबंधन पर ध्यान दे रहा है, इसलिए दोनों देशों के पर्यटन संचालकों के बीच सहयोग ‘विन-विन’ रहेगा।
यूरोप और भूमध्य क्षेत्र में भारत की सशक्त उपस्थिति
MEA के अनुसार, पीएम मोदी की यह यात्रा भारत और साइप्रस के बीच संबंधों को और गहरा करने और यूरोपीय संघ व भूमध्यसागरीय क्षेत्र में भारत की भूमिका को सशक्त करने के लिए प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
मोदी की साइप्रस यात्रा 23 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली यात्रा है। लारनाका अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर राष्ट्रपति क्रिस्टोडुलाइड्स ने उनका विशेष स्वागत किया।
यहां से प्रधानमंत्री मोदी कनाडा के कनानास्किस शहर में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन में भाग लेने जाएंगे, जहां उन्हें कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी द्वारा आमंत्रित किया गया है। इसके बाद वह क्रोएशिया का दौरा करेंगे और राष्ट्रपति ज़ोरान मिलानोविच तथा प्रधानमंत्री आंद्रेज़ प्लेनकोविच से मुलाकात करेंगे।
भारत-साइप्रस द्विपक्षीय व्यापार
MEA के अनुसार, भारत और साइप्रस के बीच व्यापार हाल के वर्षों में उतार-चढ़ाव के बावजूद स्थिर रहा है। अप्रैल 2023 से मार्च 2024 के बीच यह 136.96 मिलियन डॉलर रहा।
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