
कुआलालंपुर, 8 फरवरी (पीटीआई)
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को मलेशिया के चार प्रमुख उद्योग जगत के नेताओं से बातचीत की और ‘भारतीय विकास गाथा’ में उनकी कंपनियों की गहरी रुचि की सराहना की। विदेश मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान में कहा गया, “प्रधानमंत्री ने भारत और मलेशिया के बीच बढ़ते बी2बी (बिजनेस-टू-बिजनेस) संबंधों और भारतीय विकास गाथा में मलेशियाई कंपनियों की मजबूत रुचि की प्रशंसा की।”
प्रधानमंत्री ने पेट्रोनास के प्रेसिडेंट एवं ग्रुप सीईओ तेंगकु मुहम्मद तौफिक, बर्जाया कॉरपोरेशन बरहाद के संस्थापक विन्सेंट टैन ची यीउन, खजाना नेशनल बरहाद के प्रबंध निदेशक अमिरुल फैसल वान ज़हीर और फिसन इलेक्ट्रॉनिक्स के संस्थापक पुआ खीन सेंग से मुलाकात की।
तेंगकु मुहम्मद तौफिक के साथ बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने ऊर्जा साझेदारी को मजबूत करने तथा नवीकरणीय ऊर्जा और स्वच्छ ईंधन, जिनमें ग्रीन हाइड्रोजन और ग्रीन अमोनिया शामिल हैं, में नए अवसरों पर चर्चा की। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया पर यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पेट्रोनास की भारत में तीन दशक से मौजूदगी है और इसकी एलएनजी, पेट्रोकेमिकल्स तथा उभरते हरित ऊर्जा समाधानों में विविध गतिविधियां हैं।
विन्सेंट टैन ची यीउन ने प्रधानमंत्री को बताया कि वह भारत के गतिशील सेवा और उपभोक्ता क्षेत्रों में बर्जाया की मौजूदगी को और मजबूत करने के इच्छुक हैं। वहीं पुआ खीन सेंग ने भारत के तेजी से बढ़ते प्रौद्योगिकी और नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र, विशेष रूप से सेमीकंडक्टर उद्योग में फिसन की भागीदारी की इच्छा जताई।
अमिरुल फैसल वान ज़हीर ने प्रधानमंत्री के साथ बैठक में भारत के आर्थिक परिवर्तन और निवेश के लिए एक उच्च संभावनाओं वाले बाजार के रूप में इसकी स्थिति पर चर्चा की।
प्रधानमंत्री मोदी ने हाल के वर्षों में भारत में किए गए उन पहलों और सुधारों को रेखांकित किया, जिनका उद्देश्य कारोबार करने में सुगमता बढ़ाना और एक स्थिर, कुशल तथा पूर्वानुमेय व्यापार एवं नीति वातावरण तैयार करना है। उन्होंने मलेशिया की कंपनियों से भारत में उपलब्ध अवसरों, विशेष रूप से बुनियादी ढांचे, नवीकरणीय ऊर्जा, डिजिटल प्रौद्योगिकी, सेमीकंडक्टर, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और स्वास्थ्य सेवा जैसे क्षेत्रों में निवेश की संभावनाएं तलाशने का आह्वान किया।
उद्योग जगत के नेताओं ने भारत सरकार द्वारा किए गए सुधारों की सराहना करते हुए भारत की विकास गाथा में मजबूत विश्वास व्यक्त किया। बयान में कहा गया, “उन्होंने अपने निवेश पोर्टफोलियो के विस्तार और भारतीय कंपनियों के साथ संयुक्त उपक्रमों की संभावनाएं तलाशते हुए भारत में अपनी कारोबारी मौजूदगी बढ़ाने में गहरी रुचि जताई।”
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत और मलेशिया के सीईओ के साथ भी बातचीत की। उन्होंने कहा, “सीईओ फोरम ने हमारे दोनों देशों के लिए व्यापार और निवेश के नए अवसर खोले हैं।”
प्रधानमंत्री ने शनिवार को कुआलालंपुर में आयोजित 10वें भारत–मलेशिया सीईओ फोरम की सराहना की और आशा व्यक्त की कि इसके विचार-विमर्श से भारत–मलेशिया के बीच व्यापार और निवेश संबंध और मजबूत होंगे।
(पीटीआई)
