पुणे को बड़े फंड मिले, लेकिन कोई सार्थक विकास नहीं हुआ: अजीत पवार

Ajit Pawar

पुणे, 5 जनवरी (PTI) – महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने दावा किया है कि पुणे को केंद्र और राज्य से भारी वित्तीय सहायता मिली, लेकिन स्थानीय नेतृत्व इसे शहर के लिए सार्थक विकास में बदलने में विफल रहा।

पवार ने यह बात रविवार को बनेर क्षेत्र में रैली के दौरान कही, जो पुणे नगर निगम (PMC) के चुनाव से पहले आयोजित की गई थी।

मुख्य बिंदु:

पवार ने पेयजल की कमी, कचरे का ढेर, गड्ढेदार सड़कें, यातायात जाम और बिगड़ती कानून-व्यवस्था जैसी समस्याओं को उजागर किया।

उन्होंने कहा कि इन समस्याओं को सुलझाने के लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी है।

पवार ने कहा, “हम ‘कोयता’ गैंग को समाप्त करना चाहते हैं और शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखना चाहते हैं। केंद्र और राज्य में हम महायुक्ति में हैं, लेकिन पुणे और पिंपरी-चिंचवाड़ की स्थिति अलग है। PMC के प्रशासक जिम्मेदार हैं।”

पवार का तर्क:

उन्होंने बताया कि वे पुणे के संरक्षक मंत्री के रूप में अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं।

“नगर निगम के पास अलग अधिकार हैं। केंद्र और राज्य ने बड़े फंड दिए, लेकिन प्रशासकों ने उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा। बाहर वाले आएंगे और जाएंगे। अपने लोगों को पहचानें और अपने लोगों के साथ खड़े रहें। पुणे का नेतृत्व कमतर है, जबकि केंद्र और राज्य का नेतृत्व मजबूत है।”

राजनीतिक विवाद:

पवार के यह बयान उनके साझेदार बीजेपी के बीच विवाद का कारण बने हैं।

शुक्रवार और शनिवार को पवार ने पुणे और पिंपरी-चिंचवाड़ के निगमों में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं का आरोप लगाया, जिन्हें 2017 से 2022 तक बीजेपी ने चलाया था।

महाराष्ट्र बीजेपी प्रमुख रविंद्र चव्हाण ने पवार को चेतावनी दी कि आरोप लगाने से उन्हें “गंभीर मुश्किलें” हो सकती हैं।

वरिष्ठ बीजेपी नेता चंद्रशेखर बावनकुले ने पवार को चुनाव प्रचार के दौरान सहयोगियों को निशाना न बनाने की सलाह दी।

श्रेणी: ब्रेकिंग न्यूज़

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