पूर्वोत्तर को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाले 40 किमी कॉरिडोर में भूमिगत रेल पटरियों की योजना: वैष्णव

**EDS: SCREENGRAB VIA PTI VIDEOS** New Delhi: Union Minister Ashwini Vaishnaw speaks about the Union Budget 2026-27 during an interview with PTI, in New Delhi, Sunday, Feb. 1, 2026. (PTI Photo)(PTI02_01_2026_000642B)

गुवाहाटी, 2 फरवरी (पीटीआई)

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को कहा कि पश्चिम बंगाल में स्थित 40 किलोमीटर लंबे रणनीतिक कॉरिडोर में भूमिगत रेलवे पटरियां बिछाने की योजना पर काम चल रहा है, जो पूर्वोत्तर भारत को देश के अन्य हिस्सों से जोड़ता है।

पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी के माध्यम से गुजरने वाला यह संकरा भू-भाग, जो पूर्वोत्तर क्षेत्र को भारत के अन्य हिस्सों से जोड़ता है, आमतौर पर ‘चिकन नेक’ के नाम से जाना जाता है।

रेल मंत्रालय के लिए केंद्रीय बजट आवंटन पर वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए पत्रकारों को संबोधित करते हुए वैष्णव ने कहा, “पूर्वोत्तर को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाले 40 किलोमीटर के रणनीतिक कॉरिडोर के लिए विशेष योजना बनाई जा रही है। यहां भूमिगत रेलवे पटरियां बिछाने और मौजूदा पटरियों को चार-लाइन में बदलने की योजना है।”

योजना से जुड़े विवरण साझा करते हुए नॉर्थईस्ट फ्रंटियर रेलवे (एनएफआर) के महाप्रबंधक चेतन कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि भूमिगत रेल लाइनें पश्चिम बंगाल में टिन माइल हाट और रंगापानी रेलवे स्टेशनों के बीच बनाई जाएंगी।

उन्होंने कहा, “यह भूमिगत खंड सुरक्षा की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है।”