
नई दिल्ली, 1 फरवरी (पीटीआई)
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रविवार को कहा कि प्रदूषण अब केवल पर्यावरण से जुड़ा मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि यह एक राष्ट्रीय स्वास्थ्य आपातकाल बन चुका है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि इस पर संसद में चर्चा होनी चाहिए और सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने यह भी कहा कि केंद्रीय बजट में वास्तविक समाधानों के लिए पर्याप्त संसाधन आवंटित किए जाने चाहिए।
राहुल गांधी ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में उन्होंने हजारों भारतीयों के संदेश पढ़े हैं, जिनमें प्रदूषण के कारण लोगों के जीवन पर पड़ रहे प्रभावों का जिक्र किया गया है।
उन्होंने फेसबुक पोस्ट में कहा, “जो बात सबसे ज्यादा सामने आई, वह था डर — बच्चों के लिए, माता-पिता के लिए, और आने वाले कल के लिए — यह डर देशभर के शहरों में रहने वाले परिवारों में महसूस किया जा रहा है।”
उन्होंने कहा, “प्रदूषण अब सिर्फ पर्यावरणीय मुद्दा नहीं है, यह एक राष्ट्रीय स्वास्थ्य आपातकाल है। संसद को इस पर चर्चा करनी चाहिए। सरकार को कार्रवाई करनी चाहिए। और इस बजट में वास्तविक समाधानों के लिए वास्तविक संसाधन होने चाहिए। भारतीय लोग रिपोर्ट या भाषण नहीं मांग रहे हैं, वे साफ हवा मांग रहे हैं।”
गौरतलब है कि राहुल गांधी ने पिछले सप्ताह भी कहा था कि वायु प्रदूषण के कारण लोग अपने स्वास्थ्य और देश की अर्थव्यवस्था के रूप में भारी कीमत चुका रहे हैं और इसका सबसे ज्यादा असर बच्चों और बुजुर्गों पर पड़ रहा है।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने अपने एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट पर भी लोगों से वायु प्रदूषण के खिलाफ आवाज उठाने की अपील की थी और उनसे यह साझा करने को कहा था कि प्रदूषण ने करोड़ों भारतीयों को कैसे प्रभावित किया है।
उन्होंने लोगों से आग्रह किया था कि वे “वायु प्रदूषण ने आपको या आपके प्रियजनों को कैसे प्रभावित किया है” इस बारे में अपनी कहानी https://rahulgandhi.in/awaazbharatki पर साझा करें।
