प्रयागराज में गंगा, यमुना खतरे के निशान के करीब; बाढ़ का पानी रिहायशी इलाकों में घुसा

Ganga, Yamuna near danger mark in Prayagraj; flood water enters residential areas (Representative image)

प्रयागराज, 28 अगस्त (PTI):

यहां गुरुवार को गंगा और यमुना नदियों का जलस्तर थोड़ा और बढ़ गया, जो खतरे के निशान 84.73 मीटर के करीब पहुंच गया है। इस महीने दूसरी बार बाढ़ का पानी रिहायशी इलाकों में घुसने से नई चिंता पैदा हो गई है।

गंगा, यमुना और पौराणिक सरस्वती के संगम स्थल के पास के तटबंधों पर अब वाहन नहीं, नावें चल रही हैं। लोग नावों से आ-जा रहे हैं और वहीँ डुबकी भी लगा रहे हैं।

जिला प्रशासन के बुलेटिन के अनुसार, शाम 4 बजे तक फाफामऊ में गंगा का जलस्तर 84.44 मीटर, छतनाग में 83.56 मीटर और नैनी में यमुना का जलस्तर 84.15 मीटर रिकॉर्ड किया गया।

एसडीएम (सदर) अभिषेक सिंह ने बताया कि सदर क्षेत्र की 12 कॉलोनियां, जैसे कि कछार मऊ, मऊ सरैया, राजापुर, बगड़ा और दारागंज, बाढ़ से प्रभावित हैं। राहत के लिए 5 शिविर लगाए गए हैं, जिनमें ऐनी बेसेंट स्कूल और रीगल गेस्ट हाउस शामिल हैं। प्रभावित इलाकों में 56 नावें और 3 मोटरबोट तैनात की गई हैं।

ऐनी बेसेंट स्कूल के राहत शिविर में अपनी दो बेटियों के साथ रह रहीं ऋषु देवी ने कहा,

“हमें दोबारा बाढ़ की उम्मीद नहीं थी। हमने घर में सामान व्यवस्थित कर लिया था, लेकिन अब सब छत पर रखना पड़ा और यहां आना पड़ा।”

एक अन्य निवासी रूपा देवी ने बताया,

“हम कछार इलाके में रहते हैं क्योंकि यहां किराया कम है। मुख्य शहर में अधिक किराया हम वहन नहीं कर सकते, इसलिए यह मुश्किल झेलनी पड़ती है। पहले जब पानी उतर गया था, तब हम घर लौट आए थे, लेकिन इस बार फिर वापस आना पड़ा।”

राहत शिविरों में रह रहे लोगों ने प्रशासनिक प्रयासों पर संतोष जताया और बताया कि उन्हें समय पर खाना, नाश्ता और दवाइयां मिल रही हैं।

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