फीफा प्रमुख इन्फैंटिनो ने अफ्रीका कप फाइनल में सेनेगल के “अस्वीकार्य” आचरण की आलोचना की

President of the Federation Internationale de Football Association (FIFA) Gianni Infantino arrives at the Global Citizen Awards, Wednesday, Sept. 24, 2025, in New York. AP/PTI(AP09_25_2025_000002B)

राबात (मोरक्को), 20 जनवरी (एपी): रेफरी के फैसलों के विरोध में मैदान छोड़ने और फिर अफ्रीका कप ऑफ नेशंस का खिताब जीतने के दौरान हुई अराजक घटनाओं को “अस्वीकार्य” बताते हुए फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फैंटिनो ने सेनेगल की कड़ी आलोचना की।

इन्फैंटिनो ने कहा कि मेज़बान मोरक्को के खिलाफ नियमित समय के अंत में सेनेगल के कोचों, खिलाड़ियों और कुछ प्रशंसकों का व्यवहार एक अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के फाइनल के स्तर के अनुरूप नहीं था। राबात में मैच देखने के बाद उन्होंने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर लिखा कि रविवार को देखे गए बदसूरत दृश्य निंदनीय हैं और इन्हें दोबारा नहीं दोहराया जाना चाहिए।

फीफा प्रमुख ने उम्मीद जताई कि अफ्रीकी फुटबॉल परिसंघ (सीएएफ) के संबंधित अनुशासनात्मक निकाय इस मामले में उचित कदम उठाएंगे। बाद में सीएएफ ने भी इन घटनाओं को अस्वीकार्य बताते हुए कहा कि वह सभी वीडियो फुटेज की समीक्षा कर रहा है और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए मामले को सक्षम निकायों के पास भेजेगा।

हालांकि यह प्रतिक्रिया मोरक्को फुटबॉल महासंघ के लिए पर्याप्त नहीं थी। महासंघ ने सोमवार को कहा कि वह सेनेगल खिलाड़ियों के मैदान छोड़ने के विरोध को लेकर—जिसके कारण मैच करीब 15 मिनट तक रुका और जिसे सेनेगल ने अतिरिक्त समय में 1-0 से जीता—सीएएफ और फीफा के समक्ष कानूनी कार्रवाई करेगा। यह टूर्नामेंट मोरक्को के लिए अहम था, क्योंकि वह चार साल बाद 2030 फीफा विश्व कप की सह-मेज़बानी करने वाला है।

नियमित समय के स्टॉपेज टाइम में मोरक्को को पेनल्टी दिए जाने के बाद खिलाड़ियों को ड्रेसिंग रूम की ओर ले जाने में भूमिका निभाने के कारण सेनेगल के कोच पापे थियाव को कड़े प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है। यह पेनल्टी अंततः अजीब परिस्थितियों में चूक गई। यह स्पष्ट नहीं है कि यदि थियाव पर कोई प्रतिबंध लगाया जाता है तो वह केवल भविष्य की अफ्रीकी प्रतियोगिताओं तक सीमित रहेगा या उत्तरी अमेरिका में होने वाले फीफा विश्व कप पर भी लागू होगा। सेनेगल 16 जून को न्यूयॉर्क के पास मेटलाइफ स्टेडियम में फ्रांस के खिलाफ अपने विश्व कप अभियान की शुरुआत करेगा और छह दिन बाद वहीं नॉर्वे से भी खेलेगा।

0-0 की स्थिति में स्टॉपेज टाइम की शुरुआत में सेनेगल का एक संभावित निर्णायक गोल फाउल करार देकर रद्द किए जाने से टीम और उसके प्रशंसक नाराज़ हो गए थे। कुछ ही मिनटों बाद वीडियो समीक्षा के आधार पर मोरक्को को पेनल्टी दी गई, जिसमें यह माना गया कि कॉर्नर के दौरान सेनेगल के एक डिफेंडर ने स्टार फॉरवर्ड ब्राहिम डियाज़ को नीचे खींचा था। इस फैसले ने सेनेगल के इस आक्रोश को और बढ़ा दिया कि मेज़बान टीम को टूर्नामेंट में अनुकूल फैसले मिल रहे हैं।

थियाव ने अपने खिलाड़ियों को मैदान छोड़ने के लिए प्रोत्साहित किया, जिससे डियाज़ उस पेनल्टी को नहीं ले सके जो खिताब तय कर सकती थी। स्टेडियम के दूसरे छोर पर सेनेगल के प्रशंसकों की पुलिस से झड़प भी हुई। इस पर इन्फैंटिनो ने कहा कि इस तरह मैदान छोड़ना अस्वीकार्य है और हिंसा को खेल में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि मैच अधिकारियों के फैसलों का सम्मान किया जाना चाहिए और टीमों को खेल के नियमों के भीतर रहकर प्रतिस्पर्धा करनी चाहिए।

जब खिलाड़ी वापस लौटे तो स्टॉपेज टाइम के 24वें मिनट में ब्राहिम डियाज़ ने बेहद कमजोर पेनल्टी ली। रियल मैड्रिड के इस फॉरवर्ड की धीमी चिप शॉट—जिसे पनेनका कहा जाता है—आसानी से सेनेगल के गोलकीपर एडुआर्ड मेंडी ने बचा ली। इसके बाद मैच अतिरिक्त समय में गया और चार मिनट के भीतर पापे गुएये के शक्तिशाली शॉट से सेनेगल ने खिताबी जीत दर्ज की।

इन्फैंटिनो ने इस जीत के लिए सेनेगल फुटबॉल संघ के अध्यक्ष अब्दुलाये फॉल और पूरी टीम को शुभकामनाएं दीं, लेकिन साथ ही कहा कि खिलाड़ियों और टीमों की जिम्मेदारी है कि वे मैदान में और बाहर जिम्मेदार आचरण करें और दुनिया भर के प्रशंसकों के लिए सही उदाहरण पेश करें।

मोरक्को फुटबॉल महासंघ—जिसका नेतृत्व सीएएफ के प्रथम उपाध्यक्ष और फीफा परिषद सदस्य फौज़ी लेकजा कर रहे हैं—ने कहा कि सेनेगल के मैदान छोड़ने की घटना और उससे जुड़े घटनाक्रम ने मैच के सामान्य प्रवाह और खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर गंभीर प्रभाव डाला है। खेल कानून के तहत आमतौर पर मैदान पर रेफरी के फैसले अंतिम माने जाते हैं और बाद में उन पर दोबारा सुनवाई नहीं होती। (एपी) यूएनजी

वर्ग: ब्रेकिंग न्यूज़

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